झारखंड के किसानों को राहत: यूरिया-डीएपी का भरपूर भंडार, खरीफ सीजन में नहीं होगी खाद की किल्लत
रांची। झारखंड में मानसून की दस्तक के साथ खरीफ खेती की तैयारियां तेज हो गई हैं। ऐसे समय में किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। राज्य कृषि विभाग की समीक्षा रिपोर्ट के अनुसार झारखंड में यूरिया और डीएपी उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है, जिससे धान रोपनी और खरीफ फसलों की बुवाई के दौरान किसानों को खाद की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस वर्ष उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विशेष निगरानी व्यवस्था भी लागू की जा रही है।
15 जून 2026 तक की विभागीय रिपोर्ट के मुताबिक राज्य में यूरिया का कुल स्टॉक 1,22,049.90 मीट्रिक टन और डीएपी का 21,136.14 मीट्रिक टन भंडार मौजूद है। जबकि आगामी एक महीने के लिए लगभग 40 हजार मीट्रिक टन यूरिया और 10 हजार मीट्रिक टन डीएपी की आवश्यकता का अनुमान लगाया गया है। इस हिसाब से राज्य फिलहाल उर्वरक उपलब्धता के मामले में सुरक्षित स्थिति में दिखाई दे रहा है। यूरिया भंडारण के मामले में रांची सबसे आगे है, जहां 14,457 मीट्रिक टन से अधिक खाद उपलब्ध है। इसके बाद देवघर और पलामू का स्थान है। वहीं डीएपी के भंडारण में दुमका शीर्ष पर है, जबकि हजारीबाग और गोड्डा दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं। देवघर, हजारीबाग, पलामू, धनबाद और रांची जैसे जिलों में यूरिया की स्थिति काफी मजबूत बताई गई है। वहीं डीएपी की उपलब्धता देवघर, हजारीबाग, गिरिडीह और साहिबगंज में बेहतर पाई गई है। कृषि विभाग ने केवल खाद उपलब्ध कराने पर ही नहीं, बल्कि उसकी निष्पक्ष वितरण व्यवस्था पर भी जोर दिया है। कृषि निदेशक विद्यानंद शर्मा पंकज ने सभी जिलों के उपायुक्तों और जिला कृषि पदाधिकारियों को निर्देश जारी कर यूरिया की कालाबाजारी रोकने के लिए विशेष उड़नदस्ते गठित करने को कहा है। साथ ही खाद वितरण केंद्रों पर नियमित निगरानी रखने और किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून की प्रगति के साथ आगामी दिनों में उर्वरकों की मांग तेजी से बढ़ सकती है। इसे देखते हुए राज्य सरकार ने केंद्र सरकार को अतिरिक्त यूरिया उपलब्ध कराने के लिए मांग पत्र भेज दिया है। कृषि विभाग लगातार केंद्र से संपर्क बनाए हुए है ताकि जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त खाद की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। राज्य की कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि पिछले वर्ष राज्य को आवश्यकता के अनुरूप उर्वरक नहीं मिल पाया था, लेकिन इस बार सरकार पहले से तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि सामान्य से कम बारिश की संभावना के बावजूद किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए विभाग पूरी तरह सतर्क है। उर्वरकों की उपलब्धता और वितरण पर लगातार नजर रखी जा रही है। खरीफ सीजन की शुरुआत में उर्वरकों का पर्याप्त भंडार किसानों के लिए राहत भरी खबर है। इससे खेती-किसानी की तैयारियों को गति मिलेगी और राज्य में कृषि उत्पादन बढ़ाने की दिशा में सकारात्मक माहौल बनेगा। फिलहाल झारखंड के किसान निश्चिंत होकर खेतों की तैयारी में जुट सकते हैं, क्योंकि सरकार का दावा है कि खाद की कमी उनकी राह में बाधा नहीं बनने दी जाएगी।