बैठक से पहले 'इंडिया' गठबंधन में रार: डीएमके का बहिष्कार, सीपीआईएम ने कांग्रेस से मांगा जवाब,भाजपा बोली-बिखर रहा विपक्ष
नई दिल्ली। विधानसभा चुनावों के नतीजों के बाद विपक्षी एकजुटता और आगे की रणनीति तय करने के लिए बुलाई गई 'इंडिया' गठबंधन की 8 जून की बैठक से ठीक पहले सहयोगियों के बीच दरारें खुलकर सामने आ गई हैं। गठबंधन के दो बड़े दक्षिण भारतीय सहयोगियों डीएमके और सीपीआईएम के कड़े रुख ने विपक्षी एकता की मुहिम को तगड़ा झटका दिया है। जहां तमिलनाडु की सत्ताधारी पार्टी डीएमके ने बैठक का पूरी तरह बहिष्कार करने का एलान किया है, वहीं वामपंथी दल सीपीआईएम ने कांग्रेस नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाते हुए जवाब तलब किया है। इस अंदरूनी कलह पर तंज कसते हुए भाजपा ने दावा किया है कि यह गठबंधन ताश के पत्तों की तरह बिखर रहा है।
सीपीआईएम के महासचिव एम ए बेबी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को एक तीखा पत्र भेजा है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया है कि उनकी पार्टी बैठक में शामिल होगी और राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास सीपीआईएम का प्रतिनिधित्व करेंगे, लेकिन उन्होंने केरल चुनाव के दौरान कांग्रेस के रवैये पर कड़ी आपत्ति जताई। बेबी ने पत्र में लिखा कि चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और खुद खरगे ने बार-बार यह झूठा प्रचार किया कि मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच कोई अंदरूनी समझौता है। सीपीआईएम ने इसे कार्यकर्ताओं का अपमान बताते हुए कहा कि उनके लोगों ने आरएसएस और भाजपा के खिलाफ लड़ते हुए जानें गंवाई हैं, ऐसे में कांग्रेस को इस "गठबंधन विरोधी" बयानबाजी पर सफाई देनी चाहिए। दूसरी ओर, तमिलनाडु से गठबंधन की सबसे मजबूत कड़ी मानी जाने वाली डीएमके ने बैठक से दूरी बना ली है। डीएमके की नाराजगी की वजह तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस का वह फैसला है, जिसके तहत उसने टीवीके पार्टी को अपना समर्थन दे दिया। डीएमके ने कांग्रेस के इस कदम को सीधे तौर पर 'विश्वासघात' करार दिया है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस के इस फैसले से डीएमके के जमीनी कार्यकर्ता बेहद आहत हैं, इसलिए इस माहौल में बैठक में शामिल होने का कोई औचित्य नहीं है। विपक्ष के इस अंतर्विरोध पर भाजपा नेताओं ने चौतरफा हमला बोल दिया है। तेलंगाना भाजपा प्रवक्ता प्रकाश रेड्डी और बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि विपक्षी दलों में तालमेल की भारी कमी है और यह अपवित्र गठबंधन अब टूट रहा है। वहीं बंगाल भाजपा नेता दिलीप घोष ने टीएमसी में कथित बगावत और अभिषेक बनर्जी की उपस्थिति पर तंज कसा। इन हमलों पर पलटवार करते हुए कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि भाजपा को विपक्ष पर टिप्पणी करने के बजाय अपने भीतर झांकना चाहिए। उन्होंने कहा कि बैठक में कौन आ रहा है और कौन नहीं, इस पर अटकलें लगाने की जरूरत नहीं है, 8 जून की बैठक के बाद तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी।