रुद्रप्रयाग: बस अड्डे में टला बड़ा हादसा! बीकेटीसी उपाध्यक्ष के वाहन पर गिरा विशाल सूखा पेड़, कुछ सेकेंड का फर्क वरना हो सकती थी बड़ी जनहानि
रुद्रप्रयाग। नगर क्षेत्र के न्यू बस अड्डे स्थित जन कल्याण अस्पताल के समीप बुधवार सायंकाल एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। बस अड्डा में वर्षों से खड़ा एक सूखा और जर्जर विशालकाय पेड़ अचानक भरभराकर टूट गया और उसका भारी-भरकम हिस्सा सीधे श्री बद्री-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) के उपाध्यक्ष विजय कपरवान के वाहन पर जा गिरा। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोगों की भीड़ जमा हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा उस समय हुआ जब बस अड्डे क्षेत्र में सामान्य रूप से लोगों की आवाजाही बनी हुई थी। अचानक तेज आवाज के साथ पेड़ का बड़ा हिस्सा टूटकर नीचे गिरा और सीधे वाहन को अपनी चपेट में ले लिया। पेड़ का वजन इतना अधिक था कि वाहन का ऊपरी हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। गनीमत रही कि घटना के समय वाहन में कोई सवार नहीं था और आसपास भी कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, अन्यथा यह दुर्घटना गंभीर जनहानि का कारण बन सकती थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि यह हादसा कुछ मिनट पहले या बाद में हुआ होता तो कई लोगों की जान जोखिम में पड़ सकती थी। न्यू बस अड्डा नगर का व्यस्ततम क्षेत्र है, जहां दिनभर यात्रियों, वाहन चालकों और स्थानीय नागरिकों की आवाजाही लगी रहती है। ऐसे में इस प्रकार का हादसा किसी बड़े हादसे का रूप ले सकता था। घटना की सूचना मिलते ही बीकेटीसी उपाध्यक्ष विजय कपरवान मौके पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। उन्होंने तत्काल पुलिस प्रशासन एवं जिला आपदा प्रबंधन विभाग को सूचित किया। सूचना मिलने पर संबंधित विभागों की टीम घटनास्थल पर पहुंची और क्षतिग्रस्त वाहन तथा पेड़ का निरीक्षण किया। बाद में पेड़ के अवशेषों को हटाने की कार्रवाई भी शुरू की गई। इस घटना ने नगर क्षेत्र में मौजूद सूखे एवं खतरनाक पेड़ों के प्रति प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय निवासी कुलदीप कपरवान ने बताया कि न्यू बस अड्डा, अस्पताल परिसर और नगर के कई अन्य स्थानों पर लंबे समय से सूखे एवं जर्जर पेड़ खड़े हैं, जिनकी जानकारी संबंधित विभागों को कई बार दी जा चुकी है। बावजूद इसके इन पेड़ों को हटाने की दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बरसात का मौसम शुरू होने वाला है और तेज हवाओं तथा बारिश के दौरान ऐसे पेड़ कभी भी दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि नगर क्षेत्र में विशेष सर्वे अभियान चलाकर सभी सूखे, कमजोर एवं खतरनाक पेड़ों की पहचान की जाए और उन्हें तत्काल हटाया जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना से बचा जा सके।