• Home
  • News
  • Rudrapur: Allegation of sexual harassment of a nursing assistant at the ESIC Hospital; tension flares up following the simultaneous dismissal of 25 employees.

रुद्रपुर: ईएसआईसी अस्पताल में नर्सिंग असिस्टेंट से यौन उत्पीड़न का आरोप,एक साथ 25 कर्मचारियों को हटाने से गरमाया माहौल

editor
  • Tapas Vishwas
  • July 08, 2026 05:07 AM
Rudrapur: Allegation of sexual harassment of a nursing assistant at the ESIC Hospital; tension flares up following the simultaneous dismissal of 25 employees.

रुद्रपुर। सिडकुल स्थित कर्मचारी राज्य बीमा निगम अस्पताल एक बार फिर गंभीर विवादों के घेरे में आ गया है। अस्पताल की एक नर्सिंग असिस्टेंट ने संस्थान के ही एक वरिष्ठ कर्मचारी पर यौन उत्पीड़न, अभद्र व्यवहार और गंभीर मानसिक प्रताड़ना के सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। इस संवेदनशील मामले में पीड़िता ने सिडकुल पुलिस चौकी में लिखित तहरीर देने के साथ-साथ मुख्यमंत्री कार्यालय को भी शिकायती पत्र भेजकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, पीड़िता ने आरोप लगाया है कि ड्यूटी के दौरान वरिष्ठ कर्मचारी द्वारा उसके साथ लगातार अभद्र व्यवहार और मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा था। इतना ही नहीं, शिकायती पत्र में आरोपी पर अवैध रूप से रुपयों की मांग करने और मांग पूरी न होने पर मनमाने ढंग से वेतन में कटौती किए जाने के भी गंभीर आरोप जड़े गए हैं। इस मामले ने तब और उग्र रूप ले लिया, जब अस्पताल प्रबंधन द्वारा अचानक एक साथ 25 संविदा कर्मचारियों को सेवा से हटा दिया गया। अस्पताल से एक साथ इतनी बड़ी संख्या में कर्मचारियों की छुट्टी किए जाने के बाद संस्थान में लंबे समय से पनप रहा असंतोष खुलकर सामने आ गया है। निष्कासित और वर्तमान कर्मचारियों का सीधा आरोप है कि हटाए गए कर्मचारियों में अधिकांश वे लोग हैं जिन्होंने अस्पताल प्रबंधन की कथित मनमानी, अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई थी। कर्मचारियों का कहना है कि ईएसआईसी अस्पताल में लंबे समय से ड्यूटी आवंटन में भारी भेदभाव, अकारण वेतन कटौती और निचले स्तर के कर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार की शिकायतें आ रही थीं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। उल्टा आवाज उठाने वालों को ही नौकरी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। मामला तूल पकड़ने के बाद ईएसआईसी अस्पताल प्रशासन बैकफुट पर है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि यौन उत्पीड़न और प्रताड़ना के आरोपों को गंभीरता से लिया जा रहा है और मामले की एक आंतरिक जांच कराई जाएगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो नियमानुसार सख्त कदम उठाए जाएंगे। हालांकि, इस पूरे विवाद और आरोपों पर अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रवीण वर्मा का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। इस हाई-प्रोफाइल मामले पर रुद्रपुर के पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थिति स्पष्ट की है। यौन उत्पीड़न से संबंधित इस शिकायत का मामला वर्तमान में पूरी तरह संज्ञान में है। पुलिस ने पीड़िता द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर मामले की गहनता से जांच शुरू कर दी है। इस संबंध में सभी पक्षों से आवश्यक जानकारी और साक्ष्य जुटाकर जल्द ही आगे की विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। मुख्यमंत्री को पत्र भेजे जाने के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए बेहद सतर्कता से कदम उठा रही है। अस्पताल के भीतर आंतरिक माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है और कर्मचारी लगातार एकजुट होकर न्याय की मांग कर रहे हैं।


संबंधित आलेख: