• Home
  • News
  • Rural Women in Ranichori Transform 'Waste into Wealth'; Environmentalist Dr. Anil Joshi and CDO Varuna Agarwal Applaud the 'Aradhana Group' Model.

रानीचोरी में 'कचरे से कंचन' बना रहीं ग्रामीण महिलाएं; पर्यावरणविद डॉ. अनिल जोशी और सीडीओ वरुणा अग्रवाल ने आराधना समूह के मॉडल को सराहा

editor
  • Tapas Vishwas
  • May 30, 2026 01:05 PM
Rural Women in Ranichori Transform 'Waste into Wealth'; Environmentalist Dr. Anil Joshi and CDO Varuna Agarwal Applaud the 'Aradhana Group' Model.

नई टिहरी। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण आर्थिकी को मजबूत करने के लिए अभिनव प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में जनपद टिहरी के रानीचोरी स्थित मानवाधिकार संरक्षण एवं ग्रामीण विकास समिति की स्वरोजगार इकाई का प्रसिद्ध पर्यावरणविद डॉ. अनिल प्रकाश जोशी और मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल ने संयुक्त रूप से भ्रमण किया। इस दौरान अधिकारियों ने 'आराधना स्वयं सहायता समूह' की महिलाओं द्वारा 'वेस्ट से बेस्ट' (कूड़े से बेहतरीन उत्पाद) बनाने की अनूठी तकनीक और उत्पादों का बेहद बारीकी से निरीक्षण किया और ग्रामीण महिलाओं के इस आत्मनिर्भर प्रयास की जमकर पीठ थपथपाई।

स्कूली बच्चों का 'प्लास्टिक हटाओ अभियान' बना रोल मॉडल भ्रमण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल ने महिलाओं और बच्चों द्वारा निर्मित कलाकृतियों को देखकर बेहद प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि समिति द्वारा चलाया जा रहा 'प्लास्टिक हटाओ, पर्यावरण बचाओ' अभियान बेहद सराहनीय और प्रेरणास्पद है। जिस प्रकार विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं के माध्यम से बेकार पड़े प्लास्टिक को इकट्ठा कर उससे सुंदर और उपयोगी कलाकृतियां बनाई जा रही हैं, वह काबिले तारीफ है। सीडीओ ने भरोसा दिलाया कि रानीचोरी के इस सफल मॉडल को जिले के अन्य विकासखंडों में भी तैयार किया जाएगा ताकि पर्यावरण की रक्षा के साथ-साथ अधिक से अधिक स्थानीय लोगों को घर पर ही रोजगार मिल सके। डॉ. अनिल जोशी इस मौके पर विख्यात पर्यावरणविद डॉ. अनिल प्रकाश जोशी ने कहा कि जिले में मुख्य विकास अधिकारी के कुशल मार्गदर्शन से महिला स्वयं सहायता समूहों को एक नई ऊर्जा और गति मिल रही है। कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण और जन-जागरूकता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले तीन प्रमुख विद्यालयों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इनमें राजकीय इंटर कॉलेज नागदेव पथल्ड के प्रधानाचार्य मुकेश उनियाल, राजकीय इंटर कॉलेज रानीचोरी के प्रधानाचार्य दिवाकर अन्थवाल और राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य मुकेश डोभाल को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही, समूह द्वारा निर्मित जैविक धूपबत्ती को बाजार उपलब्ध कराने के लिए करम सिंह तोपवाल और आराधना स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष सुषमा बहुगुणा सहित पूरी महिला टीम को सम्मानित किया गया। इस ऐतिहासिक कॉन्क्लेव के अवसर पर संस्था के अध्यक्ष संजय बहुगुणा, डॉ. अरविंद बिजलवान, कवि सोमवारी लाल सकलानी सहित भारी संख्या में जनप्रतिनिधि, शिक्षक और आराधना समूह की मीना, संगीता, सुचिता व रुचि डोभाल जैसी अनेकों कर्मठ महिलाएं उपस्थित रहीं।


संबंधित आलेख: