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कानूनी घेरे में ‘सरके चुनर’ विवाद: नोरा फतेही पर सख्त कार्रवाई की मांग!10 वकीलों ने सरकार से वर्क परमिट रद्द कर डिपोर्ट करने की अपील की

editor
  • Awaaz Desk
  • March 24, 2026 09:03 AM
'Sarke Chunar' controversy under legal scrutiny: Strict action demanded against Nora Fatehi! 10 lawyers urge the government to cancel her work permit and deport her.

नई दिल्ली। बॉलीवुड एक्ट्रेस नोरा फतेही एक बार फिर विवादों में घिर गई हैं। कन्नड़ फिल्म केडी डेविल के गाने ‘सरके चुनर तेरी सरके’ को लेकर उठे विवाद ने अब कानूनी रूप ले लिया है। गाने के हिंदी वर्जन के बोलों को लेकर आपत्तियां जताई जा रही हैं और इसे अश्लील व महिलाओं की गरिमा के खिलाफ बताया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस मामले में 10 वकीलों के एक समूह ने गृह मंत्रालय से शिकायत की है। उन्होंने मांग की है कि नोरा फतेही का वर्क परमिट रद्द किया जाए और उन्हें भारत से डिपोर्ट किया जाए। वकीलों का आरोप है कि इस तरह के कंटेंट से जुड़कर एक विदेशी कलाकार ने भारत में काम करने के विशेषाधिकार का दुरुपयोग किया है। यह विवाद ऐसे समय में बढ़ा है जब केंद्र सरकार पहले ही इस गाने पर रोक लगा चुकी है। इसके साथ ही राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी इस मुद्दे को गंभीरता से लिया है और मामले की जांच पर जोर दिया है। शिकायतकर्ताओं ने गृह मंत्रालय के अलावा सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय में भी शिकायत की है।

वहीं इस गाने में नजर आने वाले अभिनेता संजय दत्त को लेकर अपेक्षाकृत कम प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है, जिस पर भी सवाल उठ रहे हैं। कई लोग इसे एकतरफा आलोचना बता रहे हैं। गीतकार रकीब आलम ने विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए फिल्म के निर्देशक प्रेम पर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि कन्नड़ गीत का शब्दशः अनुवाद जबरन कराया गया, जिससे गाने के बोल आपत्तिजनक बन गए। कानूनी तौर पर वकीलों ने अपनी याचिका में विदेशी अधिनियम 1946, पासपोर्ट (भारत में प्रवेश) अधिनियम 1920, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 और महिलाओं के अश्लील चित्रण (निषेध) अधिनियम 1986 का हवाला दिया है। उनका दावा है कि यह गाना न केवल कानूनों का उल्लंघन करता है, बल्कि समाज में महिलाओं को लेकर गलत संदेश भी देता है। अब यह देखना अहम होगा कि सरकार और संबंधित एजेंसियां इस मामले में क्या कदम उठाती हैं, क्योंकि यह विवाद मनोरंजन से आगे बढ़कर कानूनी और सामाजिक बहस का रूप ले चुका है।


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