सावन का सोमवारः हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजा बैजनाथ धाम! भारी बारिश के बीच दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालु
बागेश्वर। सावन के सोमवार के अवसर पर बागेश्वर जिले के प्रसिद्ध बैजनाथ धाम में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। जनपद में देर रात से लगातार हो रही भारी बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं के कदम नहीं रुके। सुबह होते ही बैजनाथ मंदिर परिसर में दूर-दराज के क्षेत्रों से श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। भक्तों ने लंबी कतारों में खड़े होकर भगवान शिव के दर्शन किए और विधि-विधान के साथ जलाभिषेक कर सुख-शांति, समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। सावन सोमवार को लेकर मंदिर परिसर में सुबह से ही भक्तिमय माहौल बना रहा। बारिश के बीच भी श्रद्धालु हाथों में पूजा सामग्री और जल लेकर मंदिर पहुंचते रहे। भोर से ही मंदिर के बाहर और परिसर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर गूंजता रहा। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान शिव की पूजा-अर्चना का क्रम लगातार चलता रहा। श्रद्धालुओं के अनुसार बैजनाथ धाम धार्मिक और पौराणिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण स्थान है। मान्यता है कि भगवान कार्तिकेय का जन्म इसी पावन क्षेत्र में हुआ था। बैजनाथ मंदिर में भगवान शिव के साथ माता पार्वती भी मूर्ति रूप में विराजमान हैं। यही वजह है कि सावन के दौरान यहां श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ जाती है। भक्तों का मानना है कि बैजनाथ धाम में सच्चे मन से की गई प्रार्थना भगवान शिव तक जरूर पहुंचती है। इसी आस्था के चलते लोग अपनी मनोकामनाएं लेकर यहां आते हैं। सावन सोमवार के दिन विशेष पूजा और जलाभिषेक कर श्रद्धालु अपने परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना करते हैं। सुबह से ही बैजनाथ मंदिर में धार्मिक अनुष्ठानों का दौर चलता रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव को जल, बेलपत्र और अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर पूजा-अर्चना की। मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार और घंटियों की आवाज के बीच भक्तों ने भोलेनाथ के दर्शन किए। श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर में व्यवस्था बनाए रखने पर भी विशेष ध्यान दिया गया। बारिश के बावजूद भक्तों की कतार व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ती रही। दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने बैजनाथ धाम की शांत और आध्यात्मिक वातावरण में पूजा कर खुद को सौभाग्यशाली बताया।