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हिमाचल में मातम का मंजरः मुंडन संस्कार से लौट रहे परिवारों की बोलेरो सैकड़ों फीट गहरी खाई में गिरी! एक ही गांव के सात लोगों की दर्दनाक मौत

editor
  • Awaaz Desk
  • June 18, 2026 05:06 AM
Scene of mourning in Himachal: Bolero carrying families returning from a tonsure ceremony plunges into a gorge hundreds of feet deep; seven people from the same village die tragically.

चंबा। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में बुधवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया। पुखरी उपमंडल के अंतर्गत चंबा.मसरूंड मार्ग पर छतरूंड के समीप एक बोलेरो वाहन गहरी खाई में जा गिरा, जिससे उसमें सवार सात लोगों की मौत हो गई। मृतकों में महिलाएं और पुरुष दोनों शामिल हैं। हादसे के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है और गांवों में शोक का माहौल है। जानकारी के अनुसार बोलेरो वाहन (एचपी-01सी-2581) ग्राम पंचायत कुठेड़ के महल गांव का बताया जा रहा है। वाहन में सवार सभी लोग पंचायत के काकड़ोथा गांव में आयोजित एक मुंडन संस्कार कार्यक्रम में शामिल होकर वापस अपने घर लौट रहे थे। कार्यक्रम में शामिल होने के बाद सभी लोग रात के समय बोलेरो में सवार होकर महल गांव की ओर रवाना हुए थे। इसी दौरान छतरूंड के पास वाहन चालक अचानक नियंत्रण खो बैठा और बोलेरो सड़क से नीचे सैकड़ों फीट गहरी खाई में जा गिरी। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों के अनुसार हादसा इतना भयावह था कि वाहन के परखच्चे उड़ गए। बोलेरो पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। दुर्घटना में छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल व्यक्ति ने बाद में दम तोड़ दिया। हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के गांवों के लोग सबसे पहले घटनास्थल पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। दुर्गम क्षेत्र होने के कारण शुरुआती राहत कार्य स्थानीय ग्रामीणों ने संभाला। ग्रामीण अंधेरे में ही खाई में उतरे और शवों तथा घायलों को बाहर निकालने का प्रयास किया। इसके बाद पुलिस, प्रशासन और अन्य बचाव दल मौके पर पहुंचे। बचाव कार्य कई घंटों तक चलता रहा। स्थानीय लोगों की तत्परता की हर ओर सराहना की जा रही है। हादसे के बाद ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्थान पर दुर्घटना हुईए वहां सड़क किनारे पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं हैं। विशेष रूप से क्रैश बैरियर और मजबूत सुरक्षा दीवारों का अभाव लंबे समय से चिंता का विषय बना हुआ है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि यदि सड़क किनारे उचित सुरक्षा प्रबंध होते तो वाहन को खाई में गिरने से रोका जा सकता था और कई लोगों की जान बच सकती थी। लोगों ने प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से इस मार्ग पर सुरक्षा उपायों को तत्काल मजबूत करने की मांग की है।


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