चारधाम यात्रा का दूसरा चरण: 15 सितंबर से उड़ेगी हेली सेवा,7 सितंबर से शुरू होगी आईआरसीटीसी पर टिकट बुकिंग
मानसून की विदाई के साथ ही उत्तराखंड में प्रसिद्ध 'चारधाम यात्रा' के दूसरे चरण की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। 15 सितंबर के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में भारी बढ़ोतरी की संभावना को देखते हुए उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण ने केदारनाथ और बदरीनाथ धाम के लिए हेली सेवाओं के पुनर्संचालन का बड़ा फैसला लिया है।
मानसून सीजन के कारण धीमी पड़ी उत्तराखंड चारधाम यात्रा में अब एक बार फिर रफ्तार आने की उम्मीद है। मौसम में सुधार के साथ 15 सितंबर से चारधाम यात्रा के लिए हेली सेवाओं का दूसरा चरण शुरू किया जाएगा। इसके लिए श्रद्धालुओं को टिकट बुकिंग का इंतजार ज्यादा नहीं करना होगा। हेली सेवाओं के दूसरे चरण के लिए 7 सितंबर से टिकटों की ऑनलाइन बुकिंग शुरू करने का निर्णय लिया गया है। शुरुआत में 15 सितंबर से 30 सितंबर तक की यात्रा के लिए टिकटों की बुकिंग का स्लॉट खोला जाएगा। इसके बाद यात्रियों की मांग और संचालन की स्थिति के अनुसार आगे के स्लॉट समय-समय पर खोले जाएंगे। सरकार और नागरिक उड्डयन विभाग का मानना है कि मानसून की विदाई के बाद चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ सकती है। उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूसीएडीए) के सीईओ प्रतीक जैन के अनुसार, केदारनाथ धाम के लिए हेली सेवाओं का दूसरा चरण 15 सितंबर से शुरू करने की तैयारी है। मौसम पूर्वानुमान में मानसून की विदाई शुरू होने की संभावना को देखते हुए और डीजीसीए की अनुमति के बाद यह निर्णय लिया गया है। श्रद्धालु आईआरसीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से हेली टिकट बुक कर सकेंगे। पहले चरण में 15 से 30 सितंबर तक की सेवाओं के लिए बुकिंग खोली जाएगी। इसके बाद अगले चरणों के लिए भी स्लॉट उपलब्ध कराए जाएंगे। यूसीएडीए के अनुसार चारधाम यात्रा के पहले चरण में हेली सेवाओं का बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने लाभ उठाया। करीब 67 हजार यात्रियों ने केदारनाथ शटल हेली सेवा का उपयोग किया। वहीं चारधाम यात्रा के लिए संचालित चार्टर हेली सेवाओं से करीब 11,500 श्रद्धालु लाभान्वित हुए। अधिकारियों के मुताबिक पहले चरण में हेली सेवाओं के संचालन के दौरान निर्धारित सुरक्षा मानकों का बेहतर ढंग से पालन किया गया। दूसरे चरण में भी श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। दूसरे चरण में केवल केदारनाथ ही नहीं, बल्कि बदरीनाथ धाम के लिए भी हेली सेवाएं शुरू होंगी। बदरीनाथ के लिए गौचर से हेली सेवा का संचालन 15 सितंबर से प्रस्तावित है। वहीं चारों धाम गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ के लिए चार्टर सेवाओं का संचालन देहरादून के सहस्रधारा हेलीपोर्ट से किया जाएगा। इससे देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले श्रद्धालुओं को चारधाम तक पहुंचने में सुविधा मिलने की उम्मीद है। हेली सेवाओं के सुरक्षित संचालन के लिए एयर ट्रैफिक कंट्रोल व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है। केदारनाथ के लिए सीतापुर में अस्थायी एटीसी पहले से स्थापित है। बदरीनाथ में फिलहाल स्थायी एटीसी की सुविधा उपलब्ध नहीं है, लेकिन इसे स्थापित करने का काम चल रहा है। अधिकारियों के अनुसार एक अक्टूबर से बदरीनाथ में स्थायी एटीसी का संचालन शुरू करने की तैयारी है। इसके अलावा केदारनाथ हेलीपैड के पास स्थायी एटीसी स्थापित करने की प्रक्रिया भी चल रही है। लक्ष्य है कि अगले साल चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले यहां भी स्थायी एटीसी व्यवस्था शुरू कर दी जाए। मानसून के बाद यात्रा में बढ़ने वाली संभावित भीड़ को देखते हुए हेली सेवाओं का दूसरा चरण श्रद्धालुओं के लिए अहम माना जा रहा है। प्रशासन और नागरिक उड्डयन विभाग सुरक्षित एवं सुगम हेली यात्रा सुनिश्चित करने की तैयारियों में जुटे हैं।