सनसनीखेजः बेटा ही निकला पिता का हत्यारा! दो साथियों के साथ मिलकर दिया वारदात का अंजाम, चचेरे भाई को फंसाने की रची थी साजिश
फतेहपुर। यूपी के फतेहपुर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां पुलिस ने रिटायर्ड स्वास्थ्यकर्मी हत्याकाण्ड का खुलासा किया। इस हत्याकाण्ड का मास्टरमाइंड कोई और नही बल्कि स्वास्थ्यकर्मी का बेटा ही निकला। पुलिस ने स्वास्थ्यकर्मी के बेटे और उसके दो साथियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मास्टरमाइंड बेटे ने अपने पिता की हत्या करवाकर चचेरे भाई को फंसाने के लिए पूरी साजिश रची थी, लेकिन पुलिस द्वारा कड़ाई से पूछताछ के दौरान हत्यारे बेटे ने पूरा राज उगल दिया।
पुलिस के मुताबिक मृतक स्वास्थ्यकर्मी के बेटे दिलीप गुप्ता ने साल 2008 में जमीनी विवाद के कारण अपने सगे चाचा की हत्या कर दी थी। 14 साल तक जेल में सजा काटने के बाद वो जमानत पर बाहर आया था। बाहर आने के बाद उसने अपने पिता हत्या करवा दी और इस हत्या का दोष चचेरे भाई पर मढ़ने की कोशिश की। मगर वो पकड़ा गया। दरअसल, फतेहपुर जिले के थाना कोतवाली क्षेत्र के आबूनगर इलाके में शनिवार की शाम अज्ञात हमलावरों द्वारा रिटायर्ड स्वास्थ्यकर्मी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्या का पूरा आरोप दिलीप गुप्ता ने अपने चचेरे भाई ज्ञानेंद्र पर लगाया था।
मृतक की पत्नी और बेटे की तहरीर पर ज्ञानेंद्र के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया। जिसके बाद पुलिस ने ज्ञानेंद्र को गिरफ्तार कर गहनता से पूछताछ की लेकिन वो बेकसूर निकला। फिर पुलिस ने सर्विलांस और सीसीटीवी की मदद से हत्या के मुख्य साजिशकर्ता दीपू उर्फ दिलीप गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया। उससे कड़ाई से पूछताछ की गई तो उसने बताया की चचेरे भाई ज्ञानेंद्र गुप्ता को फंसाने के लिए उसने अपने दोस्त कल्लू पाल उर्फ कपिल से अपने पिता हरिओम गुप्ता पर गोली चलवाई थी। पुलिस ने मास्टरमाइंड के बताने के आधार पर गोली चलाने वाले कल्लू पाल को भी गिरफ्तार कर लिया। उनकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त हथियार भी बरामद कर लिया। फिलहाल, इस केस में शामिल तीन आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।