ईरान से टकराव के बीच कई अमेरिकी मिलिट्री एयरक्राफ्ट क्रैश, कुवैत ने गलती से 3 लड़ाकू विमान मार गिराए
कुवैत सिटी। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच कुवैत में कई अमेरिकी सैन्य विमानों के दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर से हड़कंप मच गया है। कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि सोमवार सुबह देश में कई अमेरिकी मिलिट्री एयरक्राफ्ट क्रैश हुए, हालांकि सभी क्रू मेंबर सुरक्षित हैं। वहीं अमेरिकी सैन्य सूत्रों के हवाले से समाचार एजेंसी एपी ने दावा किया है कि कुवैत ने संघर्ष की स्थिति में गलती से तीन अमेरिकी F-15E स्ट्राइक ईगल लड़ाकू विमानों को मार गिराया। इससे पहले ईरान ने दावा किया था कि कुवैत में एक अमेरिकी F-15 लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ है। ईरान की तस्त्रीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक विमान को गिरते हुए और पायलट को हवा में इजेक्ट करते देखा गया। वीडियो में पैराशूट के जरिए पायलट को सुरक्षित उतरते हुए दिखाया गया है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि विमान किसी सैन्य अभियान में शामिल था या नियमित प्रशिक्षण उड़ान पर था।
कुवैत के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि घटना के तुरंत बाद सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया था। सभी क्रू सदस्यों को सुरक्षित निकालकर अस्पताल भेजा गया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। अधिकारियों ने कहा है कि अमेरिकी सेनाओं के साथ मिलकर तकनीकी समन्वय किया गया था और अब हादसे के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब ईरान और इज़रायल के साथ अमेरिका के संयुक्त हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव चरम पर है। बताया गया है कि इन हमलों का उद्देश्य ईरान की मिसाइल क्षमता और सैन्य ढांचे को कमजोर करना था। साइबर सिक्योरिटी वॉचडॉग नेटब्लॉक्स ने दावा किया है कि ईरान में 48 घंटे से अधिक समय से इंटरनेट ब्लैकआउट जारी है, जिससे हालात की स्वतंत्र पुष्टि करना मुश्किल हो गया है। इसी बीच, डोनाल्ड ट्रंप का एक साक्षात्कार प्रसारित हुआ, जिसमें उन्होंने दावा किया कि हालिया हमलों में ईरान के 48 शीर्ष नेताओं की मौत हो गई, जिनमें अयातुल्लाह अली खामेनेई का नाम भी शामिल है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। कुवैत में हुई इस घटना ने क्षेत्रीय सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ते सैन्य तनाव के बीच किसी भी प्रकार की तकनीकी या समन्वय संबंधी चूक बड़े संकट को जन्म दे सकती है। फिलहाल सभी पक्षों की नजरें जांच रिपोर्ट और आने वाले आधिकारिक बयानों पर टिकी हैं।