आस्था की नगरी में शर्मनाक करतूतः शराब के नशे में यूपी के युवकों ने हर की पैड़ी और मुख्य बाजार में मचाया उत्पात! महिलाओं से बदसलूकी और अश्लील हरकतों के बाद पुलिस ने दबोचा
हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार में गंगा आरती के बाद चार युवकों द्वारा शराब के नशे में जमकर हुड़दंग मचाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि युवकों ने मुख्य बाजार में महिलाओं से छेड़खानी की, राहगीरों के साथ बदसलूकी की और हर की पैड़ी पर गंगा स्नान के दौरान अश्लील हरकतें कीं। स्थानीय लोगों ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिसके बाद पुलिस हरकत में आई और चारों युवकों को हिरासत में ले लिया। हालांकि बाद में पुलिस एक्ट में चालान काटने और माफी मांगने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। जानकारी के अनुसार घटना बुधवार शाम की बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, यूपी के बागपत जिले के रहने वाले राजीव, विपिन, कपिल शर्मा और विकास हरिद्वार पहुंचे थे। आरोप है कि चारों युवक शराब के नशे में धुत थे और गंगा आरती समाप्त होने के बाद हर की पैड़ी क्षेत्र तथा मुख्य बाजार में उत्पात मचाने लगे। इसी बीच इन युवकों ने सड़कों पर झूमते हुए हुड़दंग किया और कई महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार किया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक नशे में धुत युवक राह चलती महिलाओं को जानबूझकर धक्का मार रहे थे, उन पर फब्तियां कस रहे थे और दुकानदारों को भी परेशान कर रहे थे। उनकी हरकतों से बाजार में अफरा-तफरी और आक्रोश का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने युवकों की इन शर्मनाक गतिविधियों को अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया। देखते ही देखते वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और मामले की सूचना पुलिस तक पहुंच गई। बताया जा रहा है कि बाजार में उत्पात मचाने के बाद चारों युवक हर की पैड़ी स्थित गंगा घाट पहुंच गए। वहां भी उन्होंने हंगामा जारी रखा और यात्रियों को हटाकर गंगा में कूद गए। आरोप है कि नशे की हालत में गंगा में तैरते हुए वे आपस में अश्लील हरकतें कर रहे थे, जिससे घाट पर मौजूद श्रद्धालुओं में नाराजगी फैल गई। सूचना मिलते ही हर की पौड़ी चौकी प्रभारी संजीत कंडारी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और कार्रवाई करते हुए चारों युवकों को गंगा से बाहर निकालकर हिरासत में ले लिया।
पुलिस जांच में पुष्टि हुई कि सभी आरोपी उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के थाना खेकड़ा क्षेत्र के निवासी हैं और शराब के नशे में थे। पुलिस ने चारों के खिलाफ पुलिस एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए चालान किया। बाद में युवकों द्वारा माफी मांगने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। घटना के बाद तीर्थ पुरोहितों और स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली। तीर्थ पुरोहित उज्ज्वल पंडित ने इस घटना पर कड़ा रोष व्यक्त करते हुए कहा कि हरिद्वार आस्था और सनातन संस्कृति का केंद्र है, यहां इस तरह की हरकतें किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। उनका कहना था कि यदि समय रहते पुलिस कार्रवाई नहीं करती तो स्थिति बिगड़ सकती थी और कोई बड़ा विवाद भी हो सकता था। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तराखंड या हरिद्वार-ऋषिकेश के बहिष्कार जैसी बातें करने वालों को समझना चाहिए कि यहां के लोग किसी राज्य विशेष के विरोधी नहीं हैं, लेकिन धार्मिक स्थलों पर आस्था को ठेस पहुंचाने और माहौल खराब करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से मांग की है कि तीर्थ स्थलों पर सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जाए ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।