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पंचकूला के सरकारी स्कूल में सनसनीखेज वारदात! 8 साल के छात्र ने खाली कमरे में 6 वर्षीय सहपाठी पर ईंट और डस्टबिन से किया जानलेवा हमला

editor
  • Awaaz Desk
  • October 31, 2026 07:10 AM
Shocking incident at a government school in Panchkula! An 8-year-old student launched a life-threatening attack on a 6-year-old classmate using a brick and a dustbin inside an empty room.

पंचकूला। स्कूलों को बच्चों के लिए सबसे सुरक्षित परिसर माना जाता है, लेकिन पंचकूला के एक प्राथमिक सरकारी स्कूल में सामने आई बर्बर घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्कूल परिसर में तीसरी कक्षा के 8 वर्षीय छात्र ने अपनी ही सहपाठी 6 वर्षीय मासूम बच्ची पर जानलेवा हमला कर दिया। छात्र ने खाली क्लासरूम में बच्ची का सिर बेंच पर पटका, लातों से पीटा और ईंट से चेहरे व सिर पर कई वार किए। लहूलुहान और अचेत अवस्था में बच्ची को पीजीआई चंडीगढ़ में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। घटना 28 अक्टूबर की दोपहर करीब तीन बजे की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, स्कूल में शिक्षकों की कमी के चलते बाल वाटिका (प्ले क्लास) की 6 वर्षीय बच्ची और 8 वर्षीय छात्र को एक ही कक्षा में बिठाया गया था। छुट्टी और मिड-डे मील के समय दोनों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई। इसके बाद जब बच्ची शौचालय की ओर जाने लगी, तो आरोपी छात्र बहाने से उसे पहली मंजिल पर स्थित एक खाली क्लासरूम में ले गया। आरोप है कि वहां छात्र ने बच्ची को बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। उसने बच्ची का सिर बेंच पर पटका और फिर पास पड़ी ईंट से उसके सिर और चेहरे पर ताबड़तोड़ वार किए।

इतने पर भी जब बच्ची बेहोश हो गई, तो उस पर प्लास्टिक के डस्टबिन से भी वार किया गया। इसके बाद आरोपी छात्र बच्ची को लहुलूहान हालत में वहीं छोड़कर नीचे चला गया। छुट्टी के बाद जब बच्ची अपने तय स्थान पर नहीं पहुंची, तो ऑटो चालक ने उसके पिता को फोन किया। परिजन तुरंत स्कूल पहुंचे और बच्ची की तलाश शुरू की। इसी दौरान संबंधित छात्र ने बताया कि बच्ची पहली मंजिल के कमरे में पड़ी है। परिजन जब कमरे में पहुंचे तो बच्ची खून से लथपथ बेहोश मिली। गंभीर चोटों के कारण डॉक्टरों ने उसे तुरंत पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया। घटना के करीब दो दिन बाद जब बच्ची को होश आया, तो वह परिजनों को देखकर सहम गई और रोने लगी। एसीपी विक्रम नेहरा ने बताया कि बच्ची के पिता के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। आरोपी छात्र और उसके परिजनों से भी पूछताछ की गई है। पुलिस के अनुसार, छात्र की मानसिक स्थिति का आकलन कराने के लिए उसका मनोवैज्ञानिक परीक्षण करवाया जाएगा। इधर, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सुमन चौधरी ने खंड शिक्षा अधिकारी की अगुवाई में दो प्राचार्यों की एक उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की है, जिसे दो दिन में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। उधर, हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष तृप्ति हरिपाल श्योराण ने घटना को बेहद गंभीर और चिंताजनक बताते हुए स्कूल प्रबंधन की लापरवाही की जांच के आदेश जारी किए हैं। इस हृदयविदारक घटना ने प्राथमिक विद्यालयों में बुनियादी सुरक्षा, सीसीटीवी कैमरों और स्टाफ की जवाबदेही पर कड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।


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