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हैरान करने वाली पड़तालः बिहार के श्मशान घाटों से जुटाई जा रही चिता की राख से बन रहीं अगरबत्तियां! परफ्यूम मिलाकर दबाई जा रही बदबू, आस्था के साथ खिलवाड़ पर उठे गंभीर सवाल

editor
  • Awaaz Desk
  • March 20, 2026 07:03 AM
Shocking investigation: Incense sticks are being made from funeral pyre ashes collected from cremation grounds in Bihar! The stench is being suppressed with perfume, raising serious questions about this tampering with faith.

नई दिल्ली। इन दिनों चैत्र नवरात्रि चल रहे हैं और हर तरफ आस्था-उल्लास का माहौल बना हुआ है। इस दौरान जहां मंदिरों में आस्था का सैलाब उमड़ रहा है, वहीं हर तरफ माता रानी के जयकारे गूंज रहे हैं। गौरतलब है कि नवरात्रि के इन नौ दिनों में शुद्धता और सात्विकता का विशेष महत्व होता है, लेकिन इस बीच बिहार से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। एक समाचार पत्र द्वारा बिहार में की गई विशेष पड़ताल में यह चैंकाने वाला खुलासा हुआ है कि जिन अगरबत्तियों का उपयोग हम पूजा-पाठ में करते हैं, उनमें से कई श्मशान की राख और हड्डियों के चूरे से तैयार की जा रही है। पटना के बांस घाट और गयाजी जैसे प्रमुख श्मशान घाटों से निकलने वाली चिता की राख और अधजले कोयले को सिंडिकेट के जरिए इकट्ठा कर फैक्ट्रियों में भेजा जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक पड़ताल के दौरान श्मशान से कोयला सप्लाई करने वाले एक एजेंट ने स्वीकार किया कि चिता के जलने के बाद बचे हुए चूरे में इंसान की हड्डियों के अंश भी मिले होते हैं। इसे क्रशर मशीनों में इतना बारीक पीस दिया जाता है कि पहचानना मुश्किल हो जाता है। वहीं एक दूसरे एजेंट ने खुलासा किया कि बिहार के गयाजी में घर-घर में श्मशान के कोयले से अगरबत्ती बनाने का काम हो रहा है। इन अगरबत्तियों में गुलाब और चंदन जैसे तेज परफ्यूम और कैमिकल मिलाए जाते हैं, ताकि हड्यिों की बदबू को पूरी तरह दबाया जा सके। इस रिपोर्ट में कई और हैरान करने वाले दावे किए गए हैं, जिसके बाद कई सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल मामला चर्चाओं में बना हुआ है और लोग इसपर आपत्ति जता रहे हैं। 


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