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एसआईआर: वोटर लिस्ट में महिलाओं के वेरिफिकेशन का नियम बदला: अब 'पति' नहीं, 'माता-पिता' के नाम से होगा सत्यापन

editor
  • Tapas Vishwas
  • May 22, 2026 07:05 AM
SIR: Rules for Verifying Women in Voter Lists Revised: Verification Will Now Be Based on 'Parents' Names,' Not 'Husband's Name'

देहरादून। उत्तराखंड में मतदाता सूची को पूरी तरह से पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के लिए निर्वाचन आयोग ने एक ऐतिहासिक और बड़ा नीतिगत बदलाव किया है। प्रदेश में जल्द शुरू होने वाले 'विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान' (एसआईआर) के तहत अब शादीशुदा महिलाओं का वोटर लिस्ट वेरिफिकेशन उनके पति के नाम के बजाय उनके माता-पिता के नाम से किया जाएगा। आयोग के इस कदम का मुख्य उद्देश्य एक ही मतदाता के दो अलग-अलग स्थानों पर नाम दर्ज होने की गड़बड़ी को पूरी तरह से रोकना है।

नए नियमों के मुताबिक, वर्ष 2003 के बाद मतदाता सूची में शामिल हुई महिलाओं के सत्यापन के लिए उनके मूल गांव या शहर का रिकॉर्ड देखा जाएगा। वहां उनके माता-पिता के नाम वाली वोटर लिस्ट के आधार पर ही मिलान प्रक्रिया पूरी की जाएगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि वर्ष 2003 के बाद पहली बार वोटर बनी महिलाओं के रिकॉर्ड के लिए उनके प्राथमिक पारिवारिक विवरण को ही आधार माना जाएगा, जिसमें महिला का नाम, जन्मतिथि और पिता का नाम मुख्य होंगे। इस बदलाव को लेकर किसी भी प्रकार के भ्रम को दूर करते हुए चुनाव आयोग ने साफ किया है कि इस नई प्रक्रिया से किसी भी महिला के वैवाहिक अधिकारों या उनके वर्तमान निवास स्थान के कानूनी अधिकारों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। यह केवल और केवल मतदाता सूची के शुद्धिकरण और सरकारी अभिलेखों के मिलान का एक हिस्सा है। जिन महिलाओं का शादी के बाद पता बदल चुका है, उनके वर्तमान पते से जुड़े दस्तावेजों का भी नियमानुसार परीक्षण किया जाएगा। चुनाव ड्यूटी में लगे कर्मचारियों और अधिकारियों का विशेष प्रशिक्षण  शुरू होगा। बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) सीधे जनता के घर-घर जाकर वेरिफिकेशन अभियान को अमलीजामा पहनाएंगे। मतदाताओं के विवरण का मिलान मुख्य रूप से वर्ष 2003 की बेस वोटर लिस्ट से किया जाएगा। अभियान के दौरान आम जनता या महिलाओं को किसी भी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए निर्वाचन आयोग ने बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) को विशेष गाइडलाइंस जारी की हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने प्रदेश के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे इस महत्वपूर्ण अभियान में बीएलओ का सहयोग करें और मांगे गए जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराकर देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया और वोटर लिस्ट को शत-प्रतिशत शुद्ध बनाने में अपना योगदान दें।


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