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आसमानी आफतः पांच राज्यों में कुदरत का कहर, हर तरफ तबाही का मंजर! मंदिर डूबे, पुल टूटे और सड़कों ने लिया नदियों का रूप, लिंक में देखें कहां कैसे हालात

editor
  • Awaaz24x7 Team
  • August 22, 2022 05:08 AM
Sky disaster: The havoc of nature in five states, the scene of destruction everywhere! Temples submerged, bridges broke and roads took the form of rivers, see where and how the situation in the link

नई दिल्ली। देश के पांच राज्यों में कुदरत का कहर लगातार बरप रहा है। हालात यह हैं कि कई जगहों पर सड़कें नदीं बन गयी हैं और हर तरफ तबाही का मंजर दिखाई दे रहा है। मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हिमाचल और बिहार में पिछले 48 घंटे से भारी बारिश हो रही है।

उत्तराखण्ड की बात करें तो यहां बारिश से भले ही राहत मिली हो, लेकिन आपदा के जख्म अभी भी बने हुए हैं। बाद फटने से आई आपदा में लापता लोगों की तलाश अभी भी जारी है। वहीं राजस्थान में 200 से ज्यादा और मध्य प्रदेश में करीब 50 छोटे-बड़े डैम ओवरफ्लो हो गए हैं। उत्तर प्रदेश में गंगा खतरे के निशान के ऊपर बह रही है और बिहार में ये खतरे के निशान के करीब है। बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित हिमाचल प्रदेश में आज मुख्यमंत्री दौरे पर जाएंगे। यहां फ्लैश फ्लड और लैंड स्लाइड की 36 घटनाओं में 22 लोगों की जान गई है। इन सभी राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

मध्य प्रदेश में पिछले 48 घंटे से ज्यादा बारिश के चलते कई नेशनल हाईवे ब्लॉक हैं। 50 से ज्यादा डैम ओवर फ्लो हैं। जबलपुर में बरगी डैम के 17 और नर्मदापुरम में तवा डैम के 13 गेट खोले गए हैं। बारिश की बात करें तो गुना में सबसे ज्यादा 7 इंच, सागर में 6.5 इंच, जबलपुर में 6 इंच बारिश हुई। उधर राजस्थान में पिछले 48 घंटे हुई बारिश के चलते सीजन की 20.35 इंच बारिश हो चुकी है। कोटा 20.47 इंच का है। आंकड़ों के लिहाज से ये 25.80% ज्यादा है। सभी जिलों में औसत से ज्यादा बारिश हुई है। पिछले 24 घंटे में गिरे पानी की वजह से 716 छोटे-बड़े बांधों में से 200 से ज्यादा ओवरफ्लो हो चुके हैं।

उत्तर प्रदेश में पिछले 24 घंटे के दौरान हुई बारिश के चलते प्रयागराज में गंगा किनारे के सैकड़ों घरों में पानी घुस गया है। 50 हजार छात्र लॉज छोड़ कर चले गए हैं। 10 हजार से ज्यादा परिवार इससे प्रभावित हुए हैं। बलिया में टोंस नदी में छोटी नाव डूब गई। वाराणसी में घाट और कई मंदिर डूब गए हैं। गंगा खतरे के निशान के करीब है और यमुना का जलस्तर बहुत तेजी से बढ़ रहा है। 

हिमाचल में पिछले 48 घंटों में बारिश के चलते 34 जगह लैंडस्लाइड और बादल फटने की घटनाएं हुई हैं। इनमें 22 लोगों की जान गई। 6 अभी लापता हैं। मंडी में 14, चंबा में 3 और कांगड़ा व शिमला जिले में 2-2 लोगों की मौत हो गई। इनमें एक 9 साल की एक बच्ची भी है। हिमाचल में कई जगह सड़कें तबाह हो गई हैं। 400 से ज्यादा प्रोेजेक्ट अटक गए हैं।


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