बेंगलुरु में बैठे बेटे ने मोबाइल पर लाइव देखा माता-पिता का मर्डर: मुजफ्फरपुर में नए किरायेदार ने बुजुर्ग दंपती को उतारा मौत के घाट,वारदात के बाद सबूत समेटकर हुआ फरार
मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के मिठनपुरा थाना क्षेत्र स्थित रामबाग चौरी इलाके में हुए खौफनाक दोहरे हत्याकांड (डबल मर्डर) में एक ऐसा दिल दहला देने वाला एंगल सामने आया है, जिसने हर किसी की रूह कंपा दी है। बेंगलुरु में बतौर सॉफ्टवेयर इंजीनियर कार्यरत बेटे ने सैकड़ों किलोमीटर दूर अपने मोबाइल स्क्रीन पर घर के सीसीटीवी कैमरों का लाइव फुटेज देखते हुए अपने ही माता-पिता की बेरहमी से की जा रही हत्या को देखा। वारदात को अंजाम देने वाला कोई और नहीं, बल्कि महज दो दिन पहले मकान में रहने आया नया शातिर किरायेदार निकला, जो हत्या के बाद सबूत मिटाकर फरार हो गया।
सोमवार की शाम बेंगलुरु में मौजूद बेटे निखिल कुमार ने जब रोजाना की तरह अपने मुजफ्फरपुर स्थित घर के सीसीटीवी कैमरों का मोबाइल पर लाइव एक्सेस ऑन किया, तो स्क्रीन पर दिख रहे नजारों ने उसके होश उड़ा दिए। निखिल ने देखा कि घर के भीतर दो-तीन संदिग्ध लोग घुस आए हैं और उसकी मां नीलम कुंवर जान बचाने के लिए बदहवास स्थिति में छत की ओर भाग रही हैं। गंभीर अनहोनी की आशंका जताते हुए निखिल ने तुरंत मुजफ्फरपुर में अपने माता-पिता के फोन पर लगातार कॉल किए, लेकिन दोनों के मोबाइल बंद मिले। बिना समय गंवाए निखिल ने मुजफ्फरपुर में अपने पड़ोसी अमित कुमार उर्फ 'चिक्कू' को फोन किया और तुरंत घर जाकर स्थिति देखने की गुजारिश की। सूचना मिलते ही जब पड़ोसी अमित टॉर्च लेकर मकान के पहले तल (फर्स्ट फ्लोर) पर पहुँचे, तो कमरे का दृश्य देखकर उनके रोंगटे खड़े हो गए। पीएनबी के सेवानिवृत्त कैशियर अशोक कुंवर का शव खून से लथपथ बिस्तर पर पड़ा था। कातिल ने धारदार हथियार से उनके शरीर पर कई वार किए थे। इसके बाद जब पड़ोसी निखिल के कहने पर दूसरे तल पर पहुँचे, तो वहाँ मां नीलम कुंवर की लाश पड़ी थी। दरिंदे किरायेदार ने नीलम कुंवर के हाथ-पैर पलंग से रस्सी से कसकर बांध रखे थे, मुंह पर चौड़ा टेप चिपकाया था और फिर गले में गमछा कसकर उनका घोंटकर कत्ल कर दिया था। पुलिस की प्रारंभिक जाँच और पुराने किरायेदारों के बयानों के अनुसार, हत्यारा आरोपी युवक 18 जुलाई को ही मकान के दूसरे फ्लोर पर कमरा किराये पर लेकर रहने आया था। वह अपने साथ केवल एक बैग और एक झोला लेकर आया था। बुजुर्ग दंपती मिलनसार स्वभाव के थे। मृतक अशोक कुंवर (2014 में पीएनबी से सेवानिवृत्त) की हाल ही में बायपास सर्जरी और लीवर का ऑपरेशन हुआ था, जिसके चलते वे काफी कमजोर और असहाय थे। आरोपी ने उनकी इसी लाचारी का फायदा उठाया। सोमवार शाम करीब चार बजे आरोपी युवक सीसीटीवी कैमरे में तेजी से घर से भागता हुआ दिखाई दिया। कातिल बेहद शातिर और पेशेवर अपराधी लग रहा है। वारदात को अंजाम देने के बाद उसने सबूत मिटाने की पूरी कोशिश की। मृतक की बेटी गीता के अनुसार, उनके पिता बहुत नियम-कानून मानने वाले व्यक्ति थे और बिना आईडी प्रूफ (पहचान पत्र) लिए किसी को किरायेदार नहीं रखते थे। पकड़ा न जाए, इसलिए आरोपी अपने जमा कराए गए सभी दस्तावेज और आईडी प्रूफ भी साथ ले भागा। आरोपी दंपती के मोबाइल फोन भी अपने साथ ले गया। मौके पर जाँच करने पहुँची पुलिस और फॉरेंसिक टीम को केवल दस्ताने और रस्सी के टुकड़े ही बरामद हुए हैं। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए मुजफ्फरपुर पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। पुलिस की तकनीकी इकाई गायब मोबाइलों की लोकेशन और कॉल डिटेल्स खंगाल रही है। फिलहाल, इस दिल दहला देने वाली वारदात से पूरे मुजफ्फरपुर इलाके में खौफ और दहशत का माहौल है, वहीं पुलिस आरोपी की धरपकड़ के लिए संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है।