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देश सेवा करते हुए देवभूमि का लाल शांत: असम राइफल्स के हवलदार रोशन चंद का निधन, क्षेत्र में शोक की लहर

editor
  • Tapas Vishwas
  • July 29, 2026 01:07 PM
Son of 'Devbhoomi' passes away while serving the nation: Assam Rifles Havildar Roshan Chand dies; wave of grief in the region.

खटीमा। जनपद ऊधम सिंह नगर के सीमांत क्षेत्र खटीमा और पूरे उत्तराखंड के लिए एक दुखद खबर सामने आई है। 20 असम राइफल्स में तैनात हवलदार रोशन चंद का लंबी बीमारी के बाद इलाज के दौरान निधन हो गया। देश की रक्षा में समर्पित 56 वर्षीय रोशन चंद के असामयिक निधन की खबर मिलते ही उनके पैतृक गांव से लेकर सैन्य हलकों तक में गहरा शोक छा गया है। दिवंगत जवान का पार्थिव शरीर उनके गांव लाया जा रहा है, जहाँ पूर्ण सैन्य सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी जाएगी।

खटीमा के ग्राम ऊंचीमहुवट के रहने वाले हवलदार रोशन चंद वर्तमान में 20 असम राइफल्स की टुकड़ी में चारद्वार (असम) में तैनात थे। परिजनों और साथी सैनिकों से मिली जानकारी के अनुसार, ड्यूटी के दौरान ही उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। इसके बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए आईटीबीपी रेफरल अस्पताल, नोएडा में भर्ती कराया गया था। पिछले करीब एक साल से उनका इलाज चल रहा था। सोमवार को अचानक स्वास्थ्य अधिक बिगड़ने के कारण उन्हें नोएडा के शारदा अस्पताल रेफर किया गया, जहाँ डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद मंगलवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। हवलदार रोशन चंद के निधन की खबर जैसे ही उनके गांव पहुंची, परिजनों में कोहराम मच गया। उनके घर पर रिश्तेदारों और ग्रामीणों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया है। 20 असम राइफल्स में ही तैनात उनके साथी चकरपुर निवासी हवलदार मोहन चंद ने बताया कि दिवंगत हवलदार का पार्थिव शरीर उनके पैतृक आवास लाया जा रहा है। गाँव के लोग और क्षेत्रवासी अपने जांबाज सैनिक के अंतिम दर्शन के लिए पलकें बिछाए इंतजार कर रहे हैं। प्रशासन और सैन्य अधिकारियों की मौजूदगी में बुधवार शाम तक पार्थिव शरीर के गांव पहुंचने की संभावना है। इसके बाद उनके आवास से अंतिम यात्रा निकाली जाएगी। वीर शहीद का अंतिम संस्कार बनबसा स्थित शारदा घाट पर पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया जाएगा, जहां असम राइफल्स की टुकड़ी उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम सलामी देगी। देश और मातृभूमि की सेवा में उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।


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