झारखंड में रफ्तार का कहर: तीन जिलों में भीषण सड़क हादसे, 6 की मौत
रांची। झारखंड में बेलगाम रफ्तार एक बार फिर काल बन कर टूटी है। राज्य के तीन अलग-अलग जिलों से आई दर्दनाक खबरों ने सबको झकझोर कर रख दिया है। पुलिस मुख्यालय से बुधवार को मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, साहिबगंज, जामताड़ा और गुमला जिलों में हुए भीषण सड़क हादसों में कुल छह लोगों की मौत हो गई है, जबकि चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हैं। सभी घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। सबसे भयावह हादसा साहिबगंज जिले में मंगलवार की देर रात घटित हुआ। जामनगर बंगालीपाड़ा के समीप एक तेज रफ्तार चार पहिया वाहन और ई-रिक्शा के बीच आमने-सामने की इतनी जोरदार भिड़ंत हुई कि ई-रिक्शा के परखच्चे उड़ गए। टक्कर की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर दौड़े, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
पुलिस अधिकारी के मुताबिक, ई-रिक्शा में क्षमता से अधिक करीब छह यात्री सवार थे। इस हादसे में बनू टोला चुआर के रहने वाले 45 वर्षीय अयुसुद्दीन शेख और नूर बहार बीबी की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहीं, चीख-पुकार के बीच स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से चार गंभीर घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। घायलों की पहचान 26 वर्षीय यास्मीन खातून, 45 वर्षीय रहीम शेख, 55 वर्षीय तफनारा बीबी और अज्ञात ई-रिक्शा चालक के रूप में हुई है। डॉक्टरों के अनुसार, सभी की हालत नाजुक है। दूसरी तरफ, जामताड़ा जिले में गोविंदपुर-साहिबगंज राज्य राजमार्ग (स्टेट हाईवे) पर भी रोंगटे खड़े कर देने वाला हादसा हुआ। यहां एक अनियंत्रित पिकअप वैन ने सामने से आ रही मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना जबरदस्त था कि बाइक सवार दोनों युवक दूर जा गिरे और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। नारायणपुर थाना प्रभारी मुराद हसन ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मृतकों की पहचान बुटबेरिया गांव के निवासी 24 वर्षीय मुशर्रफ अंसारी और 22 वर्षीय कुतुबुल अंसारी के रूप में हुई है। दोनों युवक अपने घर लौट रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और फरार पिकअप वैन की तलाश की जा रही है। इसके अतिरिक्त, गुमला जिले से भी दो लोगों की मौत की खबर है, जहां सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी और तेज गति के कारण दो लोगों ने अपनी जान गंवा दी। पुलिस इन सभी मामलों में केस दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई और वाहनों की जब्ती में जुट गई है।झारखंड के राज्य राजमार्गों पर रात के समय तेज रफ्तार और ओवरटेकिंग हादसों का मुख्य कारण बन रही है। साहिबगंज और जामताड़ा की घटनाएं यह साफ दिखाती हैं कि रात के अंधेरे में भारी और हल्के वाहनों की अनियंत्रित गति पर लगाम लगाना कितना जरूरी हो गया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे रात में वाहन चलाते समय गति सीमा का विशेष ध्यान रखें।