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शस्त्र लाइसेंस मामले पर ऊधम सिंह नगर में ठनी: सिख समाज ने बाजपुर में की महापंचायत, प्रशासन को 1 अगस्त तक की 'डेडलाइन'

editor
  • Tapas Vishwas
  • July 20, 2026 06:07 AM
Standoff over arms licenses in Udham Singh Nagar: Sikh community holds 'Mahapanchayat' in Bazpur, sets August 1 deadline for the administration.

बाजपुर। उत्तराखंड के जनपद ऊधम सिंह नगर में फर्जी शस्त्र लाइसेंसों के खिलाफ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे व्यापक जांच अभियान ने अब एक नया और संवेदनशील मोड़ ले लिया है। इस कार्रवाई को लेकर सिख समाज में भारी नाराजगी और असंतोष व्याप्त हो गया है। रविवार को बाजपुर स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब में जिलेभर से आए सिख समाज के लोगों, सामाजिक प्रतिनिधियों और लाइसेंस धारकों की एक विशाल महापंचायत आयोजित की गई। बैठक में पुलिस की कार्यप्रणाली पर कड़ा एतराज जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की गई। साथ ही, सिख समाज ने प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि यदि 1 अगस्त तक इस मामले का न्यायसंगत समाधान नहीं हुआ, तो पूरे जिले में चरणबद्ध तरीके से उग्र आंदोलन और धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।

महापंचायत में पहुंचे विभिन्न क्षेत्रों के वक्ताओं ने एक सुर में कहा कि हाल के दिनों में शस्त्र लाइसेंस धारकों के खिलाफ जिस प्रकार की ताबड़तोड़ कार्रवाई की जा रही है, उसने समाज को उद्वेलित कर दिया है। प्रतिनिधियों का आरोप है कि पुलिस जिन लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कर रही है, उनमें कई मामलों में जानबूझकर उचित कानूनी धाराओं के स्थान पर गंभीर और गलत धाराएं लगा दी गई हैं। बैठक में सबसे गंभीर आरोप पुलिस की दबिश को लेकर लगाया गया। वक्ताओं ने कहा कि पुलिस की टीमें देर रात लाइसेंस धारकों के घरों पर पहुंच रही हैं और परिजनों से बेवजह पूछताछ कर रही हैं। असमय की जाने वाली इस कार्रवाई के कारण घरों में महिलाओं और बच्चों के बीच भय तथा असुरक्षा का माहौल बन रहा है। समाज ने मांग की है कि यदि किसी भी व्यक्ति से जांच के सिलसिले में पूछताछ करनी है, तो निर्धारित कानूनी प्रक्रिया और उचित समय का पूरी तरह पालन किया जाए। इस बड़े राजनीतिक और सामाजिक घटनाक्रम पर पुलिस महकमा भी सतर्क नजर आ रहा है। काशीपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने इस महापंचायत का संज्ञान लेते हुए कहा, "सिख समाज की इस बैठक की जानकारी हमें मिली है। हम इस मामले को संवेदनशीलता से देख रहे हैं। पुलिस जल्द ही समाज के प्रमुख लोगों और प्रतिनिधियों से सीधा संवाद व समन्वय स्थापित करेगी, ताकि सभी बिंदुओं पर चर्चा कर मामले को शांतिपूर्वक सुलझाया जा सके। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अजय गणपति ने इस मामले का खुलासा करते हुए बताया था कि पुलिस और एसटीएफ को खुफिया इनपुट मिल रहे थे कि कई लोगों ने जाली और कूटरचित (फर्जी) दस्तावेजों के सहारे दूसरे राज्यों से शस्त्र लाइसेंस बनवाए। बाद में इन बाहरी लाइसेंसों को चालाकी से उत्तराखंड में स्थानांतरित (ट्रांसफर) करा लिया गया और वे यहां धड़ल्ले से वैध हथियारों की तरह इस्तेमाल हो रहे थे। एसएसपी के मुताबिक, इन सभी 94 संदिग्ध लाइसेंसों का संबंधित राज्यों में भौतिक रूप से सत्यापन कराया जा रहा है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त विधिक कार्रवाई होगी। सिख समाज के प्रतिनिधियों ने महापंचायत में स्पष्ट किया कि वे देश के कानून का पूरा सम्मान करते हैं और जांच में प्रशासन को सहयोग देने के लिए भी तैयार हैं, लेकिन निर्दोष लोगों को किसी भी कीमत पर प्रताड़ित नहीं होने दिया जाएगा। सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास किया गया कि यदि 1 अगस्त तक प्रशासन ने सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो पूरे उधम सिंह नगर जनपद में लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से सड़कों पर उतरकर विरोध दर्ज कराया जाएगा। फिलहाल, समाज ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन बातचीत के जरिए इसका सम्मानजनक हल निकालेगा।


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