राज्य आंदोलनकारियों का सचिवालय कूच, लंबित मांगों पर किया जोरदार प्रदर्शन
देहरादून में बुधवार को राज्य आंदोलनकारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। राज्य आंदोलनकारी मंच के बैनर तले बड़ी संख्या में आंदोलनकारी गांधी पार्क में एकत्र हुए और वहां से सचिवालय कूच के लिए पैदल मार्च शुरू किया। प्रदर्शनकारियों का जत्था जैसे ही सचिवालय की ओर बढ़ा, पुलिस ने सुभाष रोड पर बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इस दौरान आंदोलनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को लेकर आक्रोश जताया। मंच के प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप कुकरेती ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण का मुद्दा पिछले पांच महीनों से लंबित पड़ा है, लेकिन शासन स्तर पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उम्र सीमा बढ़ाने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी सरकार उदासीन बनी हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण के तहत चयनित बेरोजगारों को अब तक नियुक्ति नहीं दी गई है, जिससे युवाओं में निराशा बढ़ रही है। कुकरेती ने बताया कि 2011 के बाद से राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण की प्रक्रिया सही तरीके से नहीं की गई, जिसके चलते वर्तमान में प्रदेश के 13 जिलों में यह प्रक्रिया पूरी तरह ठप पड़ी है। मंच का आरोप है कि अलग-अलग जिलों में प्रशासन अपनी-अपनी सुविधानुसार मानक तय कर रहा है, जिससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। साथ ही, 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण में भी पक्षपात किए जाने की बात कही गई। आंदोलनकारियों ने कहा कि पिछले पांच वर्षों से वे अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री से मिलने का समय मांग रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें सुनवाई का मौका नहीं मिला। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।