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बिहार के सरकारी स्कूलों में बड़ी सख्ती: 3 दिन लेट पहुंचे तो कटेगा एक दिन का वेतन, ई-हाजिरी पर शिक्षा विभाग का शिकंजा

editor
  • Tapas Vishwas
  • July 02, 2026 08:07 AM
Strict measures in Bihar's government schools: One day's salary to be deducted for three days of late arrival; Education Department tightens grip on e-attendance.

बांका। बिहार के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा विभाग ने सख्त कदम उठाया है। अब विद्यालय में लगातार देरी से पहुंचना या समय से पहले निकलना शिक्षकों पर भारी पड़ेगा। विभाग की नई गाइडलाइन के अनुसार यदि कोई शिक्षक एक महीने में कुल तीन दिन देर से स्कूल पहुंचता है या निर्धारित समय से पहले विद्यालय छोड़ता है, तो उसके एक दिन के वेतन की कटौती की जाएगी। यह नई व्यवस्था जून माह के वेतन भुगतान से प्रभावी रूप से लागू कर दी गई है। शिक्षा विभाग ने ई-शिक्षा कोष पोर्टल के माध्यम से शिक्षकों की उपस्थिति की निगरानी को पूरी तरह डिजिटल बना दिया है। विभाग का कहना है कि स्कूलों में अनुशासन, समय की पाबंदी और गुणवत्तापूर्ण पठन-पाठन सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद राज्यभर के शिक्षकों में हलचल तेज हो गई है।

जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) संजय कुमार यादव ने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (बीईओ) और प्रधानाध्यापकों को पत्र जारी कर 24 घंटे के भीतर शिक्षकों की उपस्थिति रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। प्रधानाध्यापकों को ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर दर्ज प्रत्येक शिक्षक की उपस्थिति का सत्यापन कर प्रमाण पत्र जिला कार्यक्रम पदाधिकारी को सौंपना होगा। इस सत्यापन के बाद ही संबंधित शिक्षकों के वेतन का भुगतान किया जाएगा। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिना सक्षम अधिकारी या विभागीय आदेश के 'मार्क ऑन ड्यूटी' उपस्थिति को मान्य नहीं माना जाएगा। यदि कोई शिक्षक बिना पूर्व अनुमति के इस विकल्प का उपयोग करता है, तो उसे उस दिन अनुपस्थित माना जाएगा और उसके वेतन में कटौती की जाएगी। वहीं, जो शिक्षक ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं करेंगे, उन्हें भी अनुपस्थित मानते हुए वेतन काटा जाएगा। विभाग ने फर्जी उपस्थिति दर्ज कराने के मामलों पर भी सख्त रुख अपनाया है। यदि कोई शिक्षक फोटो से फोटो खींचकर या अन्य किसी अनुचित तरीके से उपस्थिति दर्ज कराने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ वेतन कटौती के अलावा अलग से विभागीय एवं दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी। अपर मुख्य सचिव बी. राजेंद्र के निर्देश पर जिला शिक्षा पदाधिकारी देवनारायण पंडित द्वारा जारी इस आदेश के बाद शिक्षकों में चिंता का माहौल है। खासकर वे शिक्षक, जो नियमित रूप से देरी से विद्यालय पहुंचते थे या 'मार्क ऑन ड्यूटी' का मनमाने ढंग से उपयोग करते थे, अब सबसे अधिक दबाव में हैं। कई शिक्षक नई व्यवस्था को समझने और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के लिए विभागीय कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं। शिक्षा विभाग का मानना है कि इस सख्त व्यवस्था से सरकारी स्कूलों में समय पर कक्षाएं संचालित होंगी, शिक्षकों की जवाबदेही बढ़ेगी और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा। विभाग ने स्पष्ट संकेत दिया है कि अनुशासनहीनता अब किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी शिक्षकों को निर्धारित नियमों का पालन करना होगा।
 


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