झारखंड में JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के खिलाफ छात्र आंदोलन तेज, स्पेशल ब्रांच ने जारी किया हाई अलर्ट
रांची।झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर राज्य में छात्र आंदोलन निर्णायक मोड़ पर पहुंचता नजर आ रहा है। आंदोलन के लगातार तेज होते स्वरूप को देखते हुए झारखंड पुलिस की विशेष शाखा (स्पेशल ब्रांच) ने राज्यभर के जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के लिए हाई अलर्ट जारी कर दिया है। सभी उपायुक्तों, एसएसपी, एसपी और रेल पुलिस को विशेष सतर्कता बरतने तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। 28 जुलाई 2026 को जारी स्पेशल ब्रांच की रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले दिनों में विभिन्न छात्र और राजनीतिक संगठन पदयात्रा, धरना, सत्याग्रह, भूख हड़ताल और विधानसभा घेराव जैसे बड़े आंदोलनात्मक कार्यक्रम आयोजित कर सकते हैं। ऐसे में प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने और हर गतिविधि पर कड़ी निगरानी रखने को कहा गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, 25 जुलाई से रांची के मोरहाबादी मैदान स्थित बापू वाटिका के सामने 'झारखंड लोक सेवा आयोग एवं झारखंड कर्मचारी चयन आयोग अभ्यर्थी न्याय मंच' के बैनर तले छात्र नेता दीनबंधु महतो और जेएलकेएम के देवेंद्र महतो के नेतृत्व में 50 से 60 अभ्यर्थी अनिश्चितकालीन सत्याग्रह पर बैठे हुए हैं। आंदोलनकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई, समयबद्ध नियुक्ति और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। इसी कड़ी में 29 जुलाई को बापू वाटिका से परमवीर अल्बर्ट एक्का चौक तक पदयात्रा निकाली गई। यह कार्यक्रम झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के डॉ. उदय महतो के नेतृत्व में आयोजित हुआ, जिसमें संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन और राष्ट्रगान भी किया गया। आंदोलनकारियों ने इसे युवाओं के अधिकार और पारदर्शी भर्ती व्यवस्था की लड़ाई बताया। खुफिया विभाग की रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि सरकार ने आंदोलनकारियों की मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो 2 और 3 अगस्त से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की जाएगी। इससे आंदोलन और व्यापक होने की संभावना है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि 6 अगस्त को झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान सैकड़ों अभ्यर्थियों द्वारा विधानसभा घेराव की तैयारी की जा रही है। इसके लिए राज्य के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में छात्रों के सड़क और रेल मार्ग से रांची पहुंचने की संभावना जताई गई है। स्पेशल ब्रांच ने यह भी संकेत दिया है कि आंदोलन को कुछ निजी शिक्षण संस्थानों और विभिन्न छात्र संगठनों का समर्थन मिल सकता है, जिससे प्रदर्शन का दायरा और बड़ा हो सकता है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विशेष शाखा ने सभी जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया है कि प्रस्तावित कार्यक्रमों के दौरान लगातार निगरानी रखी जाए, संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाए और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक सुरक्षा एवं प्रशासनिक तैयारियां पहले से सुनिश्चित की जाएं। राज्य सरकार और प्रशासन की नजर अब आगामी दिनों में होने वाले इन प्रस्तावित आंदोलनों पर टिकी हुई है, क्योंकि इनसे कानून-व्यवस्था की चुनौती और राजनीतिक हलचल दोनों बढ़ने की संभावना है।