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छात्रसंघ चुनावः हल्द्वानी में रश्मि ने बदला इतिहास! एमबीपीजी में पहली बार महिला प्रत्याशी के सिर सजा ताज, लड़ाई छोड़ टीम वर्क पर ध्यान और मतदाताओं ने बरसाया प्यार

editor
  • Awaaz24x7 Team
  • December 25, 2022 06:12 AM
Student union elections: Rashmi changed history in Haldwani! For the first time in MBPG, the head of the female candidate was crowned, leaving the fight, focus on teamwork and voters showered love

हल्द्वानी। यूं तो राजनीति में समय-समय पर बड़े-बड़े बदलाव होते रहते हैं और इतिहास भी बनते हैं, लेकिन छात्रसंघ चुनाव में इस बार कुमाऊं के एमबीपीजी कॉलेज हल्द्वानी में जो इतिहास रचा गया है वह न केवल काबिले तारीफ है बल्कि महिला सशक्तिकरण की मिसाल भी बन गया है।

एमबीपीजी कॉलेज में पहली बार महिला प्रत्याशी के सिर पर अध्यक्ष पद का ताज सजा है। टिकट न मिलने पर एबीवीपी से बगावत कर निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतरी रश्मि लमगड़िया ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। इससे पहले कोई भी छात्रा इस पद पर जीत हासिल नहीं कर सकी थी।

यहां के छात्रसंघ चुनाव के इतिहास पर नजर डाली जाए तो 15 बार हुए छात्रसंघ चुनावों में एबीवीपी, एनएसयूआइ और निर्दलीय प्रत्याशियों ने बराबर बाजी मारी है। इस दौरान पांच बार जहां एबीवीपी प्रत्याशी, पांच एनएसयूआइ और पांच बार ही निर्दल प्रत्याशी ने मैदान मारा है। मगर इस बार चुनाव अलग ही कारण से खास बन गया है। पहली बार किसी छात्रा को अध्यक्ष पद पर जीत मिली वह भी निर्दलीय के रूप में।

बता दें कि रश्मि लमगडिया एबीवीपी से अध्यक्ष पद की प्रबल दावेदार थीं, लेकिन अंतिम समय उनका टिकट कट गया। संगठन ने उन्हें टिकट न देकर नामांकन से ठीक दो दिन पहले कौशल को प्रत्याशी घोषित कर दिया थी। कम समय होने के बावजूद रश्मि निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतरीं और मतदाताओं व समर्थकों के बीच पहुंची।

रश्मि की जीत के बाद चुनाव जानकारों की मानें तो उन्होंने चुनाव को खुद की लड़ाई न मानकर टीम वर्क बना दिया। छात्र राजनीति में सक्रिय रहे पुराने छात्र नेताओं के अलावा सामाजिक कार्यों में आगे रहने वाले युवाओं का साथ भी उन्हें मिला और यही सबसे बड़ा कारण रहा कि रश्मि के सिर जीत का ताज सजा। 


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