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सुल्ली डील एप ब्रेकिंग: मुस्लिम महिलाओं को टारगेट करने वाले आरोपी के बचाव में उतरी मुस्लिम महिला,कहा बेवजह फंसाया जा रहा है ठाकुर को

editor
  • Kanchan Verma
  • January 10, 2022 10:01 AM
Sulli deal app breaking: Muslim woman came to the rescue of accused who targeted Muslim women, where Thakur is being implicated unnecessarily

सुल्ली डील एप के माध्यम से मुस्लिम महिलाओं को टारगेट करने के मामले में इंदौर से गिरफ्तार किए गए ओंकारेश्वर ठाकुर के मामले में उसके पड़ोस में रहने वाली मुस्लिम महिला ने कहा है कि वह ऐसा काम नहीं कर सकता। वह अच्छा लड़का है। उसे बेवजह फंसाया जा रहा है।उसके घर के सामने रहने वाली एक मुस्लिम महिला शबनम का कहना था कि ओंकारेश्वर इस तरह की हरकत नहीं कर सकता। उसे बेवजह फंसाया जा रहा है। फिर वह ऐसा गंदा ऐप क्यों डिजाइन करेगा। आसपास रहने वाले अन्य लोगों ने भी ओंकारेश्वर को लेकर किसी तरह की कोई गलत प्रतिक्रिया नहीं दी।

दरअसल दिल्ली पुलिस ने इंदौर से ओंकारेश्वर ठाकुर को गिरफ्तार किया था। उस पर आरोप है कि वह सुल्ली डील्स ऐप का मास्टरमाइंड है। दिल्ली पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। 
वहीं इस मामले में ओंकारेश्वर ठाकुर के पिता अखिलेश ठाकुर ने कहा था कि उसके बेटे को झूठा फंसाया जा रहा है। उसने कोई गलत नहीं किया है। अखिलेश ठाकुर ने बताया था कि मुताबिक उनका बेटा आईटी एक्सपर्ट है। उसने आईपीएस कॉलेज से बीसीए किया है। दिल्ली पुलिस के अफसरों ने बताया कि उनके बेटे का नाम बुल्ली बाई ऐप केस में पकड़ाए आरोपियों ने नाम लिया है। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि ओंकारेश्वर ठाकुर नाम का युवक है जो ब्लॉग वगैरह बनाता है। इसके बाद पुलिसवाले यहां आए थे और उसे लेकर गए हैं। उसका मोबाइल और लैपटॉप भी ले गए हैं। केवल किसी के बोलने के आधार पर उसे ले जाया गया है।
उधर पुलिस का कहना है कि ओंकारेश्वर ठाकुर एक वेब डेवलपर है। उसके 7-8 ट्विटर हैंडल थे और वह ट्विटर पर एक समूह का हिस्सा था, जिसके 8-12 सदस्य थे। शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया है कि वह ट्विटर पर उस समूह का सदस्य है, जिसमें मुस्लिम महिलाओं को बदनाम करने और ट्रोल के लिए विचारों को साझा किया जाता है। सुल्ली डील्स को पिछले साल जुलाई में  गिटहब पर रिलीज किया गया था। कई मुस्लिम महिलाओं की तस्वीरों को बिना उनकी मंजूरी के इस मोबाइल एप्लीकेशन पर नीलामी के लिए डाला गया।


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