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सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसलाः ईडी की गिरफ्तारी की प्रक्रिया मनमानी नहीं! PMLA पर लगी 241 याचिकाओं पर सुनाया फैसला फैसला, संपत्ति जब्त करने और गिरफ्तारी का अधिकार बरकरार

editor
  • Awaaz24x7 Team
  • July 27, 2022 07:07 AM
Supreme Court's big decision: ED's arrest process is not arbitrary! Decision pronounced on 241 petitions on PMLA, right to confiscate property and arrest

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत ईडी के गिरफ्तारी के अधिकार को बरकरार रखते हुए साफ किया कि ईडी की गिरफ्तारी की प्रक्रिया मनमानी नहीं है। कोर्ट ने आज विभिन्न प्रावधानों की संवैधानिकता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर फैसला सुनाया। हालांकि कोर्ट ने कानून में फाइनेंस बिल के जरिए किए गए बदलाव के मामले को 7 जजों की बेंच में भेज दिया है।
जस्टिस एएम खानविलकर, जस्टिस दिनेश माहेश्वरी और जस्टिस सीटी रविकुमार की बेंच ने PMLA के उन प्रावधानों की वैधता को कायम रखा है, जिनके खिलाफ आपत्तियां लगाई गई थीं। सुप्रीम कोर्ट ने विजय मदनलाल चौधरी v/s यूनियन ऑफ इंडिया केस में फैसला सुनाया। इसके अलावा पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिंदबरम, महाराष्‍ट्र सरकार के पूर्व मंत्री अनिल देशमुख, जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती समेत 241 याचिकाकर्ताओं ने PMLA के तहत ED द्वारा की गई गिरफ्तारी, जब्ती और जांच की प्रक्रिया को चुनौती दी थी। याचिका में कहा गया है कि PMLA कानून के तहत गिरफ्तारी, जमानत देने, संपत्ति जब्त करने का अधिकार CrPC के दायरे से बाहर है. सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिकाओं में PMLA एक्ट को असंवैधानिक बताते हुए कहा गया था कि इसके CrPC में किसी संज्ञेय अपराध की जांच और ट्रायल के बारे में दी गई प्रक्रिया का पालन नहीं होता है. लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट ने PMLA एक्ट के तहत ईडी के अधिकार को बरकार रखा है. 


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