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सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: विपक्ष को झटका,चुनाव आयोग को बड़ी राहत,एसआईआर को दी हरी झंडी

editor
  • Tapas Vishwas
  • May 27, 2026 08:05 AM
Supreme Court's Major Verdict: Setback for the Opposition, Major Relief for the Election Commission—Gives Green Signal to SIR.

नई दिल्ली। चुनाव प्रक्रिया की शुचिता और पारदर्शिता को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट ने एक बेहद महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान को चुनौती देने वाली सभी याचिकाओं को खारिज करते हुए चुनाव आयोग की शक्तियों पर अपनी मुहर लगा दी है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने साफ किया कि देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए वोटर लिस्ट का शुद्ध और अद्यतन होना बेहद जरूरी है और ऐसा करना चुनाव आयोग के अधिकार क्षेत्र में आता है।

मुख्य न्यायाधीश की अगुवाई वाली पीठ ने इस साल की शुरुआत में लंबी सुनवाई के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। बुधवार को फैसला सुनाते हुए अदालत ने स्पष्ट किया। मतदाता सूची का गहन पुनरीक्षण कराना चुनाव आयोग का पूर्ण संवैधानिक अधिकार है। इस प्रक्रिया में चुनाव आयोग ने अपने अधिकारों का कोई दुरुपयोग नहीं किया है और यह पूरी तरह से संविधान के नियमों के अनुरूप है। अदालत ने याचिकाओं में उठाए गए संशयों को दूर करते हुए कहा कि पुनरीक्षण के दौरान नियमों के खिलाफ जाकर किसी भी वैध मतदाता का नाम सूची से नहीं हटाया गया है। दरअसल, चुनाव आयोग द्वारा चलाए जा रहे एसआईआर अभियान की वैधता पर सवाल उठाते हुए कई याचिकाएं दायर की गई थीं। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि यह प्रक्रिया चुनाव आयोग को मिले तय कानूनी अधिकारों के दायरे से बाहर है। इसके तहत कुछ राज्यों में पुरानी वोटर लिस्ट से पारिवारिक संबंध साबित करने की शर्त को गरीब और हाशिए के लोगों के खिलाफ बताया जा रहा था। इस फैसले के बाद अब विपक्ष और याचिकाकर्ताओं को बड़ा कानूनी झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने निर्णय में इस बात पर विशेष जोर दिया कि एक मजबूत लोकतंत्र के लिए पारदर्शी चुनावी प्रक्रिया का होना अनिवार्य है। यदि मतदाता सूची त्रुटिरहित नहीं होगी, तो निष्पक्ष चुनाव संभव नहीं है। अदालत के इस फैसले के बाद अब चुनाव आयोग बिना किसी कानूनी अड़चन के फर्जी और अयोग्य मतदाताओं को हटाने के अपने इस अभियान को सुचारू रूप से आगे बढ़ा सकेगा।


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