तालिबान का बड़ा एक्शनः काबुल में मारा गया इस्लामिक स्टेट खुरासान का मिलिट्री चीफ कारी फतेह, कौन है कुख्यात कारी तुफैल उर्फ कारी फतेह?
नई दिल्ली। तालिबान सरकार ने इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रांत पर बड़ा एक्शन लिया है। अफगानिस्तान में तालिबान सरकार ने कहा कि उनके सुरक्षा बलों ने कुछ दिनों पहले राजधानी काबुल में आतंकवाद-रोधी छापे के दौरान दो प्रमुख इस्लामिक स्टेट कमांडरों को मार डाला था। तालिबान के प्रवक्ता ज़बीहल्लाह मुजाहिद ने कहा मारे गए आतंकवादियों में से एक करी फतेह था, जिसे खुफिया प्रमुख और इस्लामिक स्टेट-खोरासान प्रांत के पूर्व मंत्री के रूप में देखा गया था। प्ैज्ञच् इस्लामिक स्टेट का एक अफगान संबद्ध और एक प्रमुख तालिबान विरोधी है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) मॉनिटरिंग टीम ने मई 2022 में कारी तुफैल उर्फ कारी फतेह को इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रांत (ISKP) के सैन्य प्रमुख (मिलिट्री चीफ) के तौर पर लिस्टेड किया था। कारी फतेह का काम ISKP के लिए रणनीति बनाना था। इसके पहले कारी फतेह नांगरहार में ISKP के कब्जे के दौरान पूर्वी क्षेत्र का कमांडर था। आतंकी समूह ने हाल ही में अपनी नई रणनीति के तहत उसे खुफिया प्रमुख नियुक्त या था। कारी फतेह ने हाल ही में काबुल में रूस, पाकिस्तान और चीन के दूतावासों पर भी आतंकी हमले की साजिश रची थी। आने वाले दिनों में कारी फतेह को लेकर खुरासान डायरी में और जानकारी अपडेट किए जाने की संभावना है। इस्लामिक स्टेट इन इराक एंड खुरासान ने अफगानिस्तान में भारत-चीन और ईरान के दूतावास पर भी आतंकी हमले की धमकी दी है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की हालिया रिपोर्ट में इस ओर साफ अलर्ट किया गया है। इसके बाद ही तालिबान सरकार की ओर से अभियान चलाकर इस्लामिक स्टेट के लोकल ग्रुप्स को निशाना बनाया जा रहा है। यूएन की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि साझा रूप से कुख्यात Islamic State of Iraq and the Levant (ISIL) के पास करीब 3000 आतंकी हैं। इनमें से करीब 200 सेंट्रल एशिया में एक्टिव हो सकते हैं। हालांकि, कुछ देशों की खुफिया एजेंसियों का मानना है कि यह संख्या करीब 6000 है।