तनाव ने ली जिंदगीः भाई मां-बाबा का ख्याल रखना कहकर फांसी के फंदे पर झूला बैंककर्मी! आत्महत्या से पहले लिखा दो पेज का सुसाइड नोट, परिजनों में मचा कोहराम
नई दिल्ली। भाई मां-बाबा का ख्याल रखना कहकर मेरठ निवासी एक बैंककर्मी फांसी के फंदे पर झूल गया। उसके पास से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें उन्होंने आत्महत्या का कारण काम का तनाव बताया है। घटना से परिजनों में कोहराम मच गया है। आत्म हत्या करने से पहले बैंककर्मी ने दो पेज का सुसाइट नोट लिखा, जिसमें अपनी मौत का जिम्मेदार उसने काम का तनाव बताया है। बैंक कर्मी ने सुसाइट नोट में अपने छोटे भाई को माता पिता का ख्याल रखने को बोला है। घटना का पता आज शुक्रवार सुबह उस समय चला जब बैंककर्मी के पिता उसके कमरे में पहुंचे। इस दौरान बेटे को फंदे पर लटका देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गयी। देखते ही देखते परिवार के लोग जुट गए और रोने-चीखने की आवाजें आनी लगी। शोर सुनकर पड़ोसी इकट्ठा हो गए। लोगों ने घटना की जानकारी थाना मेडिकल पुलिस को दी। मौके पर पहुंची थाना पुलिस ने शव मोर्चरी भेज दिया। पुलिस ने सुसाइड नोट कब्जे में ले लिया है।
मेडिकल थाना क्षेत्र के जागृति विहार स्थित सेक्टर दो में रिटायर्ड शिक्षक सत्य प्रकाश वर्मा परिजनों के साथ रहते हैं। उनका बड़ा बेटा 35 वर्षीय नवनीत वर्मा खूनी पुल जीआईसी के सामने यूनियन बैंक में क्लर्क के पद पर है, जबकि दूसरा बेटा सौरभ वर्मा प्रोफेसर है। उसकी तैनाती हमीरपुर में है। एक साल पहले सौरव की शादी हो गई थी। वे अपने बेटे व पत्नी के साथ हमीरपुर में रहता है। जागृति विहार में सत्य प्रकाश, नवनीत और उनकी पत्नी रहती है। परिवार के अनुसार नवनीत ने शादी से मना कर दिया था। इसलिए उसकी शादी नहीं हुई थी। गुरुवार रात खाना खाने के बाद नवनीत व उनके माता-पिता अपने कमरे में सोने चले गए। इसके बाद देर रात नवनीत ने दो पेज का सुसाइड नोट लिखकर फांसी लगा ली है। उन्होंने तनाव से मौत होने की वजह लिखी।