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ऋषिकेश में चारधाम यात्रा का बढ़ा 'पारा': पंजीकरण काउंटरों पर जबरदस्त धक्का-मुक्की,नाराज यात्री ने तोड़ा काउंटर का शीशा

editor
  • Tapas Vishwas
  • May 24, 2026 08:05 AM
Tensions Flare' at Rishikesh Chardham Yatra: Massive Scuffles at Registration Counters; Irate Pilgrim Smashes Counter Glass

ऋषिकेश। चारधाम यात्रा को लेकर देश भर के श्रद्धालुओं का उत्साह अब प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर भारी पड़ने लगा है। पिछले पांच दिनों से ऋषिकेश में तीर्थयात्रियों की संख्या में अप्रत्याशित बढ़ोतरी हुई है, जिसके कारण पंजीकरण केंद्रों पर जबरदस्त दबाव देखा जा रहा है। रविवार सुबह ऋषिकेश स्थित ट्रांजिट कैंप में पंजीकरण कराने के लिए हजारों की संख्या में पहुंचे यात्रियों के बीच भारी धक्का-मुक्की हो गई। भीड़ का दबाव और अव्यवस्था इस कदर बढ़ी कि एक नाराज तीर्थयात्री ने रोडवेज टिकट काउंटर का शीशा तक तोड़ डाला। प्रशासन की ओर से शुरू की गई स्लॉट व्यवस्था के कारण शनिवार को महज 4 घंटे 41 मिनट में ही चारधाम का कोटा फुल हो गया था, जिसके बाद से ही यात्रियों का धैर्य जवाब देने लगा है।

जानकारी के मुताबिक, रविवार सुबह से ही ट्रांजिट कैंप में हजारों श्रद्धालु कतारों में खड़े थे। इसी दौरान लाइन में आगे बढ़ने की होड़ और भारी धक्का-मुक्की के बीच रोडवेज टिकट काउंटर पर हंगामा हो गया। महाराष्ट्र से आए एक तीर्थयात्री ने जोर-जबरदस्ती करते हुए काउंटर पर जोरदार धक्का मार दिया, जिससे काउंटर का शीशा चकनाचूर हो गया। घटना के तुरंत बाद वहां तैनात रोडवेज कर्मचारियों ने सूझबूझ दिखाते हुए उक्त यात्री को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। हालांकि, बाद में दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौता हो गया। युवक ने रोडवेज की सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के एवज में मौके पर ही 1,000 रुपये का जुर्माना भरा, जिसके बाद पुलिस ने उसे चेतावनी देकर छोड़ दिया। शुक्रवार से ही पंजीकरण की गति धीमी होने के कारण यात्रियों की परेशानियां बढ़ी हुई थीं। सुबह 10:41 बजे ही यात्रा प्रशासन ने जैसे ही 'स्लॉट खत्म' होने की घोषणा की, काउंटरों पर अफरा-तफरी मच गई। चारधाम (बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री) का मन बनाकर आए यात्रियों को केवल बदरीनाथ और केदारनाथ (दो धाम) का ही स्लॉट दिया जा रहा है। कई श्रद्धालु सुबह 6 बजे से ही भूखे-प्यासे कतारों में लगे थे, लेकिन जब तक उनका नंबर आया, तब तक मुख्य काउंटर बंद हो चुके थे। शनिवार को स्लॉट फुल होने के बाद प्रशासन की अपील के बावजूद सैकड़ों यात्री शाम 4 बजे तक काउंटरों के सामने ही डटे रहे। जब प्रशासन की ओर से लाउडस्पीकर पर यह घोषणा की गई कि अब अगला पंजीकरण रविवार सुबह 6 बजे से ही शुरू होगा, तब जाकर थके-हारे तीर्थयात्रियों ने होटलों और धर्मशालाओं का रुख किया। इसके कारण ऋषिकेश के स्थानीय होटलों और लॉज में भी पैर रखने की जगह नहीं बची है। यात्रा प्रशासन का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा और सुगम यात्रा के लिए स्लॉट व्यवस्था लागू की गई है। क्षमता से अधिक यात्रियों को आगे भेजने से पहाड़ियों पर जाम और अन्य कड़े हालात पैदा हो सकते हैं। प्रशासन ने ऋषिकेश पहुंच रहे देश-विदेश के श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे स्लॉट की उपलब्धता की पूरी जानकारी लेने के बाद ही अपनी आगे की यात्रा की योजना बनाएं, ताकि उन्हें इस तरह की दिक्कतों का सामना न करना पड़े।


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