आतंकी अर्शदीप के गुर्गों की रुड़की कोर्ट में पेशी! गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नाम से मांगी थी रंगदारी
कनाडा में बैठे खालिस्तान टाइगर फोर्स (केटीएफ) के आतंकी अर्शदीप डाला के दो गुर्गों को दिल्ली पुलिस की टीम कड़ी सुरक्षा के बीच बी वारंट पर तिहाड़ जेल से रुड़की कोर्ट लेकर पहुंची। दोनों पर मंगलौर कोतवाली में नारसन ब्लॉक प्रमुख से गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नाेई के नाम से रंगदारी मांगने का केस दर्ज है। वहीं, दून एसटीएफ भी कोर्ट पहुंची और दोनों से घंटों तक पूछताछ की। रुड़की के नारसन ब्लॉक प्रमुख कविंद्र सिंह को 18 जुलाई को गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नाम से एक कॉल आई थी। काॅल करने वाले ने दो करोड़ की रंगदारी मांगी थी। लॉरेंस विश्नोई के नाम से धमकी मिलने की शिकायत मंगलौर पुलिस से की गई थी। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर लिया था। मामले की जांच देहरादून एसटीएफ को दी गई थी। देहरादून एसटीएफ की टीम ने मोबाइल नंबर की जानकारी जुटानी शुरू कर दी थी।
इस दौरान दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की टीम ने 29 सितंबर को राजप्रीत उर्फ राजा उर्फ बम निवासी फिरोजपुर, पंजाब को गिरफ्तार किया था। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने जानकारी जुटाई तो पता चला था कि राजप्रीत कनाडा में बैठे केटीएफ के आतंकी अर्शदीप डाला का गुर्गा है और उसके आतंकी संगठन से गहरे संबंध हैं। पूछताछ में उसने बताया था कि वह पंजाब में एक सिंगर की हत्या करने की फिराक में था। पूछताछ में बताया था कि वह 12 जुलाई को मंगलौर कोतवाली क्षेत्र स्थित टिकौला गांव निवासी सुशील के घर पर भी ठहरा था। इस बीच सुशील के कहने पर ही उसने लॉरेंस विश्नोई के नाम से ब्लाॅक प्रमुख से रंगदारी मांगी थी। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की टीम ने देहरादून एसटीएफ को इसकी सूचना दी थी। इसके बाद स्पेशल सेल और दून एसटीएफ ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए सुशील को गिरफ्तार किया था। दोनों टीमों को पता चला था कि सुशील के राजा उर्फ बम से काफी समय से संबंध थे। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल टीम ने सुशील को भी राजप्रीत उर्फ राजा के साथ तिहाड़ जेल भेज दिया था। इस मामले में रुड़की की कोर्ट के आदेश पर स्पेशल सेल की टीम ब्लॉक प्रमुख से रंगदारी मांगने के केस में शुक्रवार दोपहर दोनों को कड़ी सुरक्षा के बीच रुड़की लेकर पहुंची। यहां कोर्ट से न्यायिक रिमांड मिलने पर दून एसटीएफ ने दोनों से बंद कमरे में घंटों तक पूछताछ की। पूछताछ के बाद स्पेशल सेल की टीम दोनों को कड़ी सुरक्षा के बीच दिल्ली तिहाड़ जेल के लिए रवाना हो गई। सुशील की पेशी की सूचना पर उसके परिजन भी रुड़की रामनगर कोर्ट पहुंचे। कोर्ट से बाहर निकलने के बाद परिजनों ने सुशील से बातचीत करने का प्रयास किया लेकिन दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की टीम ने उन्हें बातचीत करने से इन्कार कर दिया।