अक्टूबर महीने की शुरुआत ही डायन महंगाई से हुई, एलपीजी सिलेंडर के दामों में मानो लग गयी हो आग
पिपली लाइव का ये गाना आज के दौर में बिल्कुल सटीक बैठता है। 2014 में जब मनमोहन सरकार थी तब बीजेपी ने ये गाना बजा बजा कर कांग्रेस को महंगाई पर खूब घेरा लेकिन आज महंगाई अपने चरम पर जा पहुंची है। अक्टूबर महीने की शुरुआत ही डायन महंगाई से हुई है। एलपीजी सिलेंडर के दामों में मानो आग लग गयी हो। जी हां! एलपीजी सिलेंडर में 43.5 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। सरकारी आयल मार्केटिंग कम्पनियों ने अक्टूबर से एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमत बढ़ा कर आम जनता की कमर और तोड़ दी है । इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन ने 19 किग्रा कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में 43.5 रुपये प्रति सिलेंडर कर दी। अब ये सिलेंडर 1693 से बढ़कर 1736.5 रुपये का हो गया है। हालांकि रसोई गैस सिलेंडर की कीमत में बदलाव नही किया गया है क्योंकि वो तो पहले से महंगे है,सितंबर माह में ही रसोई गैस सिलेंडर की कीमत बढ़ाई गई थी । दिल्ली में सब्सिडी वाले रसोई गैस सिलेंडर की कीमत 884 रुपये है जबकि उत्तराखंड में इंडियन गैस सिलेंडर की कीमत 920 रुपये चल रहा है।
आज देश मे महंगाई जैसे मुद्दे पर जनता में लामबन्दी बहुत कम देखी जा रही है ,लोग महंगाई के लिए सड़कों पर नही उतरते बल्कि जनता बीजेपी और कांग्रेस में बंट कर सिर्फ एक दूसरे को कोसने का काम घर बैठे बखूबी करती है। बीजेपी आये या कांग्रेस या आम आदमी पार्टी फ्री का लालच दे लेकिन ये जन समस्याएं जस की तस मुँह बाए खड़ी ही रहती हैं।