• Home
  • News
  • The crisis of war in West Asia escalates: Lebanon faces massive devastation amid Israeli-Iranian tensions! Continuous bombing of Beirut and its southern regions leaves hundreds dead and millions displaced.

पश्चिम एशिया में बढ़ता युद्ध संकटः इजरायल-ईरान तनाव के बीच लेबनान में भारी तबाही! बेरूत और दक्षिणी इलाकों में लगातार बमबारी, सैकड़ों मौतें और लाखों लोग बेघर

editor
  • Awaaz Desk
  • March 09, 2026 07:03 AM
The crisis of war in West Asia escalates: Lebanon faces massive devastation amid Israeli-Iranian tensions! Continuous bombing of Beirut and its southern regions leaves hundreds dead and millions displaced.

नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है, जिसका असर दुनियाभर में देखने को मिल रहा है। इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच 10वें दिन भी युद्ध जारी है। सबसे ज्यादा तबाही लेबनान में देखने को मिल रही है। यहां मौत का आंकड़ा 400 के करीब पहुंच गया है और लगभग 5 लाख लोग बेघर हो चुके हैं। इजरायली रक्षा बल लगातार लेबनान पर हमले कर रहे हैं, खासकर बेरूत के दक्षिणी इलाकों में, जिन्हें हिज़्बुल्लाह का मजबूत गढ़ माना जाता है। सबसे गंभीर स्थिति दक्षिणी लेबनान में है, जहां हिज़्बुल्लाह और इजरायली सेना के बीच सीधा संघर्ष जारी है। इजरायली सेना ने स्वीकार किया है कि उसके दो सैनिक दक्षिणी लेबनान में हिज़्बुल्लाह के हमले में मारे गए। हिज़्बुल्लाह ने एक बुलडोजर को एंटी-टैंक मिसाइल से निशाना बनाया था, जिसमें दोनों सैनिकों की मौत हुई। इजरायल की ओर से लगातार अलग-अलग हिस्सों में बमबारी जारी है। दक्षिणी लेबनान के गांवों में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है, जहां इजरायली मिसाइल हमलों में दो परिवारों के 18 लोग मारे गए हैं। इनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। बेरूत में होटल जो हमला हुआ था इसमें मरने वालों की संख्या अब 4 तक पहुंच गई है। सूत्रों के मुताबिक इनमें कुद्स फोर्स का एक कमांडर भी शामिल है, जो आईआरजीसी से जुड़ा था और हिज़्बुल्लाह की मदद के लिए पहुंचा था। ईरान की ओर से लगातार रिवोल्यूशनरी गार्ड और कुद्स फोर्स के कमांडर लेबनान पहुंच रहे हैं ताकि हिज़्बुल्लाह को सहयोग और नेतृत्व दे सकें। इजरायल इन कमांडरों को चुन-चुनकर निशाना बना रहा है। लेबनान सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती विस्थापन की है, क्योंकि हजारों लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हो चुके हैं। कुल मिलाकर देखा जाए तो आने वाले दिनों में इस तनाव में कमी की संभावना नहीं दिख रही है। हिज़्बुल्लाह ने साफ कर दिया है कि इजरायल की हर कार्रवाई का जवाब दिया जाएगा। अब यह युद्ध हवा से हटकर जमीन पर आ गया है, हिज़्बुल्लाह भी चाहता है कि स्ट्राइक्स के बजाय वह इजरायल को सीधे जमीनी लड़ाई में चुनौती दे।

पश्चिम एशिया संकट पर विदेश मंत्री जयशंकर ने दिया बयान
इधर राज्यसभा में विपक्ष के हंगामे और नारेबाजी के बीच आज विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने पश्चिम एशिया के हालात पर बयान दिया। उन्होंने कहा कि सरकार इस क्षेत्र में बढ़ते तनाव को लेकर काफी गंभीर है। भारत ने 20 फरवरी को ही एक बयान जारी कर अपनी चिंता जाहिर कर सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की थी। विदेश मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार नए घटनाक्रमों पर करीब से नजर रख रहे हैं। संबंधित मंत्रालय आपस में तालमेल बिठाकर काम कर रहे हैं ताकि सही कदम उठाए जा सकें। उन्होंने बताया कि यह विवाद भारत के लिए बड़ी चिंता की बात है। खाड़ी देशों में करीब एक करोड़ भारतीय रहते हैं। ईरान में भी हजारों भारतीय छात्र और कर्मचारी मौजूद हैं। यह इलाका भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी है क्योंकि यहां तेल और गैस के मुख्य सप्लायर हैं। सप्लाई चेन में रुकावट आना एक गंभीर मुद्दा है।


संबंधित आलेख: