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केरल में 'सतीशन युग' की शुरुआत: वीडी सतीशन ने ली 13वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ, विजयन का 10 साल पुराना राज खत्म

editor
  • Tapas Vishwas
  • May 18, 2026 05:05 AM
The Dawn of the 'Satheesan Era' in Kerala: V.D. Satheesan Sworn In as the 13th Chief Minister; Vijayan's 10-Year Reign Comes to an End

तिरुवनंतपुरम। केरल की राजनीति में सोमवार को एक ऐतिहासिक और बड़ा उलटफेर देखने को मिला। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वीडी सतीशन ने तिरुवनंतपुरम के सेंट्रल स्टेडियम में आयोजित एक भव्य और विशाल समारोह में केरल के 13वें मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली। इसके साथ ही सूबे में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) के दिग्गज नेता पिनाराई विजयन का पिछले दस साल से चला आ रहा शासन आधिकारिक रूप से समाप्त हो गया है।

सेंट्रल स्टेडियम में सुबह करीब 10 बजे आयोजित इस हाई-प्रोफाइल समारोह में केरल के राज्यपाल राजेंद्र वी आर्लेकर ने नए मुख्यमंत्री वीडी सतीशन और उनकी पूरी कैबिनेट को पद की शपथ दिलाई। इस भव्य शपथ ग्रहण समारोह के साथ ही केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) की पूरे एक दशक (10 साल) बाद सत्ता में जोरदार वापसी हुई है। हाल ही में संपन्न हुए केरल विधानसभा चुनाव में यूडीएफ ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए प्रचंड बहुमत हासिल किया है, जिसने एलडीएफ के किले को ढहा दिया। शपथ लेने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने मंच पर मौजूद कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और अन्य वरिष्ठ नेताओं का हाथ जोड़कर अभिवादन किया और राज्य की जनता का आभार जताया। इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए कांग्रेस आलाकमान और विपक्ष के तमाम बड़े चेहरे तिरुवनंतपुरम पहुंचे। समारोह में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा विशेष रूप से मौजूद रहीं। इसके अलावा कांग्रेस शासित अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री और देश भर के कई सीनियर लीडर्स ने इस समारोह में शिरकत की। शपथ ग्रहण के दौरान नवनियुक्त मुख्यमंत्री वीडी सतीशन, मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने एक-दूसरे का हाथ थामकर हवा में लहराया और मंच से अपनी मजबूत राजनीतिक एकजुटता का प्रदर्शन किया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि केरल की यह जीत दक्षिण भारत समेत पूरे देश में कांग्रेस के लिए एक संजीवनी की तरह काम करेगी। नई कैबिनेट के सामने अब राज्य के विकास और जनता से किए गए वादों को समय पर पूरा करने की एक बड़ी चुनौती होगी।


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