• Home
  • News
  • The fear of the tiger is over: Due to the fear of the tiger, people used to enter the houses in the evening, imprisoned in the cage of the forest department

खत्म हुआ बाघ का खौफ: जिस बाघ के डर से शाम होते ही घरों घुस जाते थे लोग, वन विभाग के पिंजड़े में हुआ कैद 

editor
  • Awaaz Desk
  • April 26, 2023 01:04 PM
The fear of the tiger is over: Due to the fear of the tiger, people used to enter the houses in the evening, imprisoned in the cage of the forest department

अल्मोड़ा। पहाड़ों पर जंगली जानवरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। कई जगहों पर बाघ के आतंक से ग्रामीण इस कदर भयभीत हैं की शाम होते ही घरों से बाहर निकलने में भी डर लगता है। ताजा मामला अल्मोड़ा हवालबाग का है, जहां पिछले कई दिनों से आतंक का पर्याय बना एक बाघ वन विभाग के पिंजड़े में कैद हो गया। बाघ के पिंजड़े में कैद होने की ख़बर से लोगों ने राहत की सांस ली है। 
उधर इस मामले में क्षेत्र पंचायत सदस्य गोपाल दत्त गुरुरानी ने वन विभाग का आभार जताते हुए कहा कि उनके द्वारा लगातार इस बात की चिंता जताई जा रही थी। उन्होंने कहा की क्षेत्र में 2 से 3 बाघ और भी लगातार घूम रहे हैं, जिन्हें पकड़ने के लिए वन विभाग द्वारा और पिंजड़े लगाए जाने चाहिए। 

बता दें कि हवालबाग के रेंगल गांव में लगातार बाघ के आतंक की खबरें सामने आ रही थीं। स्थानीय लोगों की मानें तो बाघ द्वारा अभी तक कई पशुओं को अपना निवाला बनाया जा चुका है। यही नहीं बाघ द्वारा स्थानीय लोगों और दोपहिया वाहन सवार लोगों पर भी हमला किया जा चुका है, जिससे ग्रामीणों में खासी दहशत है।
उधर इस मामले में वन विभाग के आरओ मोहन राम ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने स्थानीय लोगों से अपने आस-पास झाड़ियों की सफ़ाई रखने की अपील भी की है।
 


संबंधित आलेख: