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रिश्तों का खौफनाक सचः विशाखापत्तनम में प्रेम संबंध बना हत्या की वजह! नौसेना कर्मी ने गुस्से में उठाया खतरनाक कदम, पुलिस जांच में चौंकाने वाले खुलासे

editor
  • Awaaz Desk
  • March 30, 2026 12:03 PM
The horrifying truth of relationships: A love affair led to murder in Visakhapatnam! A Navy personnel took a dangerous step in anger, and the police investigation revealed shocking revelations.

नई दिल्ली। आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम से एक ऐसी सनसनीखेज घटना सामने आई है, जिसने हर किसी को स्तब्ध कर दिया है। यहां भारतीय नौसेना में तैनात एक टेक्नीशियन ने अपनी ही प्रेमिका की हत्या कर दी और उसके बाद सबूत मिटाने की कोशिश में ऐसे कदम उठाए, जिसने पुलिस तक को हैरान कर दिया। आरोपी की पहचान 30 वर्षीय चिंतदा रविंद्र के रूप में हुई है, जो आईएनएस डेगा पर तैनात है। वह पिछले दो साल से गजुवाका इलाके में किराए के फ्लैट में रह रहा था। बताया जा रहा है कि उसकी मुलाकात साल 2021 में पोलिपल्ली मौनिका से एक डेटिंग ऐप के जरिए हुई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और यह रिश्ता प्यार में बदल गया। दोनों अक्सर शहर के अलग-अलग हिस्सों में मिलते थे। रविंद्र शादीशुदा था और उसकी पत्नी बच्चे के जन्म के बाद अपने मायके में रह रही थी। इसी दौरान उसने मौका देखकर माौनिका को अपने फ्लैट पर बुलाया। शुरुआती बातचीत के बाद दोनों के बीच अचानक विवाद शुरू हो गया। बताया जा रहा है कि पैसों को लेकर दोनों में कहासुनी हुई। आरोपी का दावा है कि मौनिका ने उससे बड़ी रकम ली थी और पैसे लौटाने को लेकर विवाद बढ़ गया। यह विवाद इतना बढ़ा कि रविंद्र ने गुस्से में आकर मौनिका की हत्या कर दी। इसके बाद उसने जो किया, उसने इस मामले को और ज्यादा गंभीर बना दिया। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने पहले से ही कुछ सामान जुटा रखा था, जिससे साफ संकेत मिलता है कि उसने सबूत छिपाने की योजना बनाई थी। घटना के बाद आरोपी ने शव को अलग-अलग हिस्सों में बांटकर घर के अलग-अलग स्थानों पर छिपा दिया। यह पूरी वारदात फ्लैट के अंदर ही होती रही, लेकिन बाहर रहने वाले लोगों को इसकी भनक तक नहीं लगी। पड़ोसियों के मुताबिक उस दिन भी सब कुछ सामान्य लग रहा था और कहीं से कोई शोर नहीं सुनाई दिया। हालांकि आरोपी ज्यादा देर तक अपने अपराध का बोझ नहीं झेल सका। उसने अपने एक दोस्त को फोन कर पूरी घटना बताई। दोस्त की सलाह पर उसने भागने के बजाय पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करने का फैसला लिया। इसके बाद वह खुद गाजुवाका थाने पहुंचा और अपना गुनाह कबूल कर लिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर फ्लैट की तलाशी ली और जरूरी साक्ष्य जुटाए। मामले की जांच जारी है और आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। यह घटना न केवल एक जघन्य अपराध है, बल्कि यह भी दिखाती है कि व्यक्तिगत रिश्तों में बढ़ता तनाव किस तरह खतरनाक मोड़ ले सकता है। साथ ही यह समाज के उस अंधेरे पहलू को भी उजागर करती है, जहां भरोसे और रिश्तों के पीछे कई बार खौफनाक सच्चाई छिपी होती है।
 


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