डेढ़ साल तक 'पापा जी' की हैवानियत दबाए बैठी रही मासूम, मां के पूछने पर बेटी की सिसकियों ने खोले राज
उत्तराखंड के देहरादून नेहरू कॉलोनी थाना क्षेत्र स्थित जगत जीवन ज्योति पीठ के शिक्षक जनार्धन बिंजोला को किशोरी के साथ दुष्कर्म करने के मामले दोषी करार दिया है। न्यायालय अपर जिला एवं सेशन जज रजनी शुक्ला की पीठ ने दोषी को 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। न्यायालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार घटना वर्ष 2019 से 2021 के बीच घटित हुई है। इस मामले में पीड़िता की मां की ने बताया कि उनकी 13 वर्षीय बेटी जगत जीवन ज्योति पीठ में पढ़ाई कर रही थी। जनार्धन बिंजोला इसके संचालक हैं। इसके साथ ही ओपर्णा उर्फ दोपी संगमा भी यहां पर काम करती थी। संस्थान का अपना खुद का हॉस्टल था, जिसमें उनकी बेटी रहती थी। बेटी के साथ जनार्धन बिंजोला ने कई बार दुष्कर्म किया। यह बात उसने तब बताई जब डेढ़ साल बाद 23 जुलाई 2021 को एक अन्य पीड़िता ने संस्थान के संचालक बिंजोला पर दुष्कर्म कर आरोप लगाते हुए उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। यह घटना सामने आने के बाद उन्होंने अपनी बेटी से पूछा कि क्या तुम्हारे साथ भी ऐसा हुआ है तो वह सिसकियां भरने लगी और हैवानियत की पूरी कहानी बताई।
किशोरी ने बताया कि वे सभी जनार्धन बिंजोला को पापा कहकर पुकारते थे। उसने एक दिन कहा कि सिर में दर्द हो रहा है, ऐसे में वह उसके कमरे में सो जाए। उसकी बातों में आकर वह उसके साथ सो गई। रात को उसने निजी अंगों के साथ छेड़छा़ड़ और दुष्कर्म किया। उसने इसकी शिकायत ओपर्णा से की तो उसने चुप रहने के लिए कहा। इसके बाद डेढ़ साल तक कई बार हैवानियत की गई। जब भी वे अपनी मां से फोन पर बात करतीं थीं तो फोन स्पीकर पर रखा जाता था और मां के पास नहीं जाने देते थे। जान से मारने की धमकी भी देते थे। कोर्ट ने इस मामले में जनार्धन को 20 वर्ष के कारावास और अन्य आरोपी ओपर्णा उर्फ दोपी को जुर्माने के बाद रिहा करने का आदेश दिया है। जनार्धन बिंजोला को इसी तरह के दूसरे मामले में 28 फरवरी को 20 वर्ष की सजा सुनाई जा चुकी है। अब एक बार फिर से दूसरी किशोरी के साथ हैवानियत करने पर न्यायालय ने सजा सुनाई है। पिछले मामले में भी किशोरी ने दुष्कर्म का आरोप लगाया था।