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आस्था के बीच बदइंतजामी का दर्द: केदारनाथ में बुजुर्ग श्रद्धालु की मौत के बाद परिवार को 5 घंटे तक नहीं मिली मदद! हेलीकॉप्टर देरी और महंगे किराए को लेकर श्रद्धालुओं में आक्रोश, व्यवस्थाओं पर फूटा गुस्सा

editor
  • Awaaz Desk
  • April 24, 2026 09:04 AM
The pain of mismanagement amidst faith: After the death of an elderly devotee in Kedarnath, the family received no help for five hours! Devotees are outraged by the helicopter delay and high fares, and the arrangements have erupted.

देहरादून। उत्तराखण्ड में चारधाम यात्रा शुरू हो चुकी है। भारी संख्या में श्रद्धालु दूर-दराज से धामों में पहुंच रहे हैं। इस दौरान जहां हर तरफ आस्था और उल्लास का माहौल देखने को मिल रहा है, वहीं अव्यवस्थाओं को लेकर लोगों में खासी नाराजगी भी देखने को मिल रही है। इस बीच कुछ वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें श्रद्धालु अव्यवस्थाओं को लेकर खुलकर नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। हद तो तब हो गई, जब दिल का दौरा पड़ने से एक श्रद्धालु की मौत हो गयी और उनके परिवार को वहां से शव ले जानें के लिए घंटों तक इंतजार करना पड़ा। दरअसल, विगत बुधवार को गुजरात से आए एक बुजुर्ग श्रद्धालु का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया, लेकिन दुख में डूबे उनके परिवार को शव को वहां से 10 मिनट की दूरी पर स्थित गौरीकुंड तक ले जाने के लिए घंटों तक इंतजार करना पड़ा। परिजनों ने दावा किया कि शव ले जाने के लिए उन्हें न केवल पांच घंटे से अधिक समय तक हेलीकाप्टर का इंतजार करना पड़ा, बल्कि उसके लिए 65 हजार रुपए भी खर्च करने पड़े। गुजरात के वडोदरा से आए 69 वर्षीय दिलीप भाई मन्नू माली अपने बेटे हेमंत तथा दो अन्य परिजनों के साथ बाबा केदारनाथ के दर्शन करने के लिए पहुंचे थे, लेकिन सुबह आठ बजे मंदिर के कपाट खुलने से पहले ही वह वाइट हाउस क्षेत्र में अचानक बेहोश हो गए। हेमंत ने बताया कि बेहोश होने के बाद उनके पिता को केदारनाथ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां सुबह साढ़े सात बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय प्रशासन से मदद की गुहार लगाने के बावजूद परिवार घंटों तक वहीं फंसा रहा। हेमंत ने कहा कि हमने जिलाधिकारी से पिता का शव ले जाने के लिए हेलीकाप्टर उपलब्ध कराने का अनुरोध किया, जिसके लिए उन्होंने आश्वासन भी दिया, लेकिन दोपहर एक बजे हेलीकाप्टर का इंतजाम हो पाया।

हेमंत ने यह भी कहा कि केदारनाथ के आधार शिविर गौरीकुंड के पास जामू तक शव ले जाने के लिए उन्हें निजी हेलीकाप्टर कंपनी को 65 हजार रुपए का भुगतान भी करना पड़ा। हेलीकाप्टर उपलब्ध कराए जाने में देरी के संबंध में केदारनाथ यात्रा के नोडल अधिकारी और उखीमठ के उप जिलाधिकारी अनिल सिंह रावत ने कहा कि उस समय नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) द्वारा सुरक्षा निरीक्षण प्रोटोकाल के कारण हेलीकाप्टर सेवाएं अस्थायी रूप से रुकी हुई थीं। उन्होंने कहा कि उस समय कई कंपनियों के हेलीकाप्टर की परीक्षण उड़ान संचालित हो रही थी। वहीं एक अन्य वीडियो में एक श्रद्धालु अव्यवस्थाओं और अभद्रता का आरोप लगा रहा है। वीडियो में श्रद्धालु यह कहते सुनाई दे रहे हैं कि केदारनाथ कभी मत आना, भगवान सही जगह पर हैं, मैनेजमेंट बकवास है, आना मत यहां पर कभी।


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