पहाड़ों की रानी में 'पंच' का दम: मसूरी में पहली बार मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स की शुरुआत; आत्मरक्षा और फिटनेस से लैस होंगी महिलाएं व युवा
मसूरी। पहाड़ों की रानी मसूरी अब सिर्फ पर्यटन ही नहीं, बल्कि फिटनेस और आत्मरक्षा के क्षेत्र में भी एक नई उड़ान भरने के लिए तैयार है। शहर में पहली बार 'मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स के बैनर तले एक अत्याधुनिक प्रशिक्षण पहल की शुरुआत की गई है। संस्था की सह-संस्थापक अभिश्री बानी और मुख्य कोच प्रशांत बिष्ट के नेतृत्व में शहर में आयोजित तीन दिवसीय विशेष कार्यशाला का भव्य समापन हुआ, जिसमें बच्चों, युवाओं और महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य स्थानीय नागरिकों को शारीरिक रूप से सशक्त, मानसिक रूप से मजबूत और आत्मरक्षा के हुनर में माहिर बनाना है।
संस्था की सह-संस्थापक अभिश्री बानी ने मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स को लेकर समाज में बनी रूढ़िवादी सोच को बदलते हुए कहा कि यह केवल रिंग के अंदर लड़ाई का खेल नहीं है। यह खेल जीवन में कड़ा अनुशासन, आत्म-नियंत्रण और एक स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का सबसे बड़ा माध्यम है। इस प्रशिक्षण के जरिए बच्चों में पढ़ाई के प्रति एकाग्रता बढ़ेगी, युवाओं की फिटनेस में सुधार होगा और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हमारी बहन-बेटियां आत्मरक्षा के प्रति जागरूक और आत्मनिर्भर बन सकेंगी। अभिश्री ने अपनी भविष्य की योजनाओं का खुलासा करते हुए बताया कि संस्था जल्द ही मसूरी के विभिन्न स्कूलों में बालिकाओं के लिए मुफ्त आत्मरक्षा कार्यक्रम चलाएगी। इसके साथ ही देश के गौरवशाली संस्थान आईटीबीपी और लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी के साथ मिलकर भी विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित करने का खाका तैयार किया गया है। उत्तराखंड के युवाओं में छिपी खेल प्रतिभा को निखारने का दावा करते हुए मुख्य कोच प्रशांत बिष्ट ने कहा कि पहाड़ों में हुनर की कोई कमी नहीं है। यदि यहां के बच्चों को सही समय पर उचित मार्गदर्शन और अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मिलें, तो वे राष्ट्रीय और वैश्विक पटल पर देवभूमि का नाम रोशन कर सकते हैं। इसी सपने को सच करने के लिए मसूरी में बहुत जल्द एक अत्याधुनिक एमएमए जिम स्थापित करने की दिशा में तेजी से काम चल रहा है।मसूरी स्पोर्ट्स एसोसिएशन के महामंत्री सौरभ सोनकर ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि कार्यशाला में शामिल हुए सभी प्रतिभागियों ने इसे बेहद उपयोगी बताया है और अब शहर में नियमित ट्रेनिंग क्लास शुरू करने की मांग उठ रही है। स्थानीय अभिभावकों और बुद्धिजीवियों का भी मानना है कि यह खेल गतिविधि आज के युवाओं को नशे की बढ़ती लत और सोशल मीडिया के नकारात्मक प्रभाव से दूर रखकर एक सही और स्वस्थ दिशा में ले जाने में मील का पत्थर साबित होगी।