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उत्तराखंड में जनगणना की रफ्तार परखने देहरादून आएंगे रजिस्ट्रार जनरल, 3400 क्षेत्रों में 'ऑनलाइन' कार्य पर रहेगी नजर

editor
  • Tapas Vishwas
  • May 12, 2026 12:05 PM
The Registrar General will visit Dehradun to assess the pace of the census in Uttarakhand, keeping a close watch on 'online' operations across 3,400 areas.

देहरादून। उत्तराखंड में डिजिटल जनगणना के पहले चरण की प्रगति और धरातलीय चुनौतियों का जायजा लेने के लिए भारत के रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त एम.के. नारायण आगामी गुरुवार (14 मई) को देवभूमि आ रहे हैं। प्रदेश में 25 अप्रैल से शुरू हुए भवन गणना और सूचीकरण के कार्यों में आ रही तकनीकी दिक्कतों और पर्वतीय क्षेत्रों में डेटा अपडेट की धीमी गति को देखते हुए यह दौरा बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रदेश को जनगणना के लिए कुल 29,567 ब्लॉक में बांटा गया है, जहां 20,859 प्रगणक और 3,670 सुपरवाइजर घर-घर जाकर डिजिटल माध्यम से विवरण दर्ज कर रहे हैं। हालांकि, अभियान के 15 दिन बीत जाने के बाद भी पोर्टल पर करीब 3400 क्षेत्रों में कार्य शुरू होने की सूचना दर्ज नहीं हो पाई है। जनगणना निदेशक ईवा श्रीवास्तव के अनुसार, जिलों से मिली रिपोर्ट बताती है कि काम सभी ब्लॉकों में शुरू हो चुका है, लेकिन पर्वतीय क्षेत्रों में कनेक्टिविटी और अन्य कारणों से प्रगणकों ने अभी तक डेटा ऑनलाइन सिंक नहीं किया है। अपने प्रवास के दौरान रजिस्ट्रार जनरल एम.के. नारायण देहरादून में सभी जिलों के जिलाधिकारियों (डीएम) के साथ समीक्षा बैठक करेंगे। इस बैठक में वह पहले चरण की विस्तृत जानकारी लेंगे और डेटा एंट्री में हो रही गलतियों पर चर्चा करेंगे। रिपोर्ट के अनुसार, जनगणना के दौरान कुछ स्थानों पर नामों के दोहराव और भवनों की गलत जानकारी दर्ज होने के मामले सामने आए हैं, जिन्हें अब मौके पर जाकर दुरुस्त किया जा रहा है। सिर्फ बैठकों तक ही नहीं, बल्कि रजिस्ट्रार जनरल स्वयं विभिन्न ब्लॉकों का भ्रमण कर प्रगणकों के कार्य करने के तरीके को देखेंगे। वह यह भी सुनिश्चित करेंगे कि नजरी नक्शों के निर्माण के कारण जो शुरुआती देरी हुई थी, उसकी भरपाई कैसे की जाए। उत्तराखंड के परिप्रेक्ष्य में यह जनगणना इसलिए भी खास है क्योंकि प्रगणकों को नामों के दोहराव और खाली पड़े भवनों के सटीक आंकड़े जुटाने के निर्देश दिए गए हैं। रजिस्ट्रार जनरल के इस दौरे से जनगणना कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है, ताकि निर्धारित समय सीमा के भीतर पहले चरण को सफलतापूर्वक संपन्न किया जा सके।
 


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