बंगाल में 'कमल' युग का उदय: आज होगा नए मुख्यमंत्री का फैसला,कोलकाता पहुंचे अमित शाह,शुभेंदु अधिकारी रेस में सबसे आगे
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज का दिन ऐतिहासिक होने जा रहा है। 15 साल के तृणमूल कांग्रेस के शासन के अंत के बाद, राज्य में पहली बार भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने की आधिकारिक प्रक्रिया शुरू हो गई है। नए मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लगाने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज कोलकाता पहुंच चुके हैं, जहां हवाई अड्डे पर कद्दावर नेता शुभेंदु अधिकारी सहित तमाम वरिष्ठ नेताओं ने उनका भव्य स्वागत किया।
बीजेपी सूत्रों के अनुसार,आज शाम 4 बजे कोलकाता में नवनिर्वाचित विधायकों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। इस बैठक की अध्यक्षता खुद अमित शाह करेंगे। बैठक का मुख्य एजेंडा विधायक दल के नेता का चुनाव करना है। वह नेता जिसे चुना जाएगा, वही पश्चिम बंगाल के अगले मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेगा। पार्टी के भीतर इस नाम को लेकर उत्सुकता चरम पर है। मुख्यमंत्री पद की दौड़ में शुभेंदु अधिकारी का नाम सबसे ऊपर चल रहा है। भवानीपुर सीट पर ममता बनर्जी को सीधे मुकाबले में पटखनी देने के बाद शुभेंदु का कद पार्टी में काफी बढ़ गया है। हालांकि, चर्चाओं में कुछ अन्य नाम भी शामिल हैं। राजनीतिक ड्रामे के बीच, राज्यपाल आर.एन. रवि ने गुरुवार को संविधान के अनुच्छेद 174(2)(b) के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए विधानसभा को भंग कर दिया। ममता बनर्जी द्वारा इस्तीफे से इनकार करने और चुनाव नतीजों पर सवाल उठाने के बावजूद, राज्यपाल के इस आदेश ने संवैधानिक रूप से टीएमसी सरकार के कार्यकाल को समाप्त कर दिया है। इसी के साथ बीजेपी के लिए सरकार बनाने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। बीजेपी नेतृत्व ने साफ कर दिया है कि पश्चिम बंगाल की नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 9 मई को आयोजित किया जाएगा। पार्टी इस दिन को 'लोकतंत्र की जीत' के रूप में मनाने की तैयारी कर रही है। 2026 के इन चुनावों में बीजेपी ने 294 सीटों में से 207 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया है, जबकि टीएमसी मात्र 80 सीटों पर सिमट गई है। अमित शाह का कोलकाता दौरा इस बात का संकेत है कि केंद्र सरकार बंगाल में नई पारी की शुरुआत को लेकर बेहद गंभीर है। जानकारों का मानना है कि जो भी मुख्यमंत्री बनेगा, उसके कंधों पर बंगाल की कानून-व्यवस्था को पटरी पर लाने और 'सोनार बांग्ला' के वादे को पूरा करने की बड़ी जिम्मेदारी होगी। आज शाम होने वाली बैठक केवल एक मुख्यमंत्री का चुनाव नहीं करेगी, बल्कि बंगाल की भविष्य की राजनीति की दिशा और दशा भी तय करेगी। क्या शुभेंदु अधिकारी को उनकी ऐतिहासिक जीत का इनाम मिलेगा या बीजेपी किसी नए चेहरे से चौंकाएगी? इसका जवाब बस कुछ ही घंटों में मिल जाएगा।