• Home
  • News
  • The Saifai family mourns the death of Prateek Yadav, and the funeral takes place amid an emotional atmosphere at Baikunth Dham. Akhilesh Yadav pays tribute.

प्रतीक यादव के निधन से शोक में डूबा सैफई परिवार, बैकुंठ धाम में भावुक माहौल के बीच हुआ अंतिम संस्कार! अखिलेश यादव ने दी श्रद्धांजलि

editor
  • Awaaz Desk
  • May 14, 2026 12:05 PM
The Saifai family mourns the death of Prateek Yadav, and the funeral takes place amid an emotional atmosphere at Baikunth Dham. Akhilesh Yadav pays tribute.

लखनऊ। लखनऊ के बैकुंठ धाम में गुरुवार को बेहद भावुक माहौल के बीच प्रतीक यादव का अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार की रस्म उनके ससुर और वरिष्ठ पत्रकार अरविंद सिंह बिष्ट ने मुखाग्नि देकर पूरी की। जैसे ही चिता को अग्नि दी गई, वहां मौजूद परिवार के सदस्य और करीबी भावुक हो उठे। इस दौरान अखिलेश यादव समेत सैफई परिवार के सभी प्रमुख सदस्य मौजूद रहे। अंतिम संस्कार में प्रतीक यादव की दोनों बेटियां भी मौजूद रहीं। बड़ी बेटी प्रथमा यादव काफी देर तक अखिलेश यादव के साथ बैठी नजर आईं, जबकि छोटी बेटी प्रतीक्षा यादव भी परिवार के बीच मौजूद रहीं। इस दौरान परिवार के सदस्य बच्चियों को संभालते और ढांढस बंधाते दिखाई दिए। सुबह से ही कालिदास मार्ग स्थित आवास पर अंतिम दर्शन के लिए लोगों का पहुंचना शुरू हो गया था। परिवार, रिश्तेदारों, राजनीतिक हस्तियों और करीबी मित्रों ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद शव यात्रा निकाली गई, जिसमें भारी संख्या में लोग शामिल हुए। शव वाहन को फूलों से सजाया गया था और वाहन के दोनों ओर प्रतीक यादव की तस्वीरें लगाई गई थीं। इनमें कुछ तस्वीरें ऐसी भी थीं, जिनमें वह कुत्तों और अन्य जानवरों के साथ दिखाई दे रहे थे। परिवार के करीबी लोगों ने बताया कि प्रतीक यादव को पशुओं से बेहद लगाव था और वे पशु सेवा से जुड़े कार्यों में सक्रिय रहते थे। अंतिम यात्रा में सैकड़ों लोग शामिल हुए। रास्ते भर लोग श्रद्धांजलि अर्पित करते नजर आए। कई राजनीतिक नेता, कारोबारी और समाजसेवी भी अंतिम विदाई देने पहुंचे। बैकुंठ धाम पहुंचने के बाद पूरे विधि-विधान के साथ अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई।

बता दें कि बुधवार को प्रतीक यादव की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उस दौरान घर में उनकी दोनों बेटियां, घरेलू स्टाफ और सुरक्षाकर्मी भी वहीं थे, जबकि उनकी पत्नी अपर्णा यादव लखनऊ में मौजूद नहीं थीं। बताया गया कि सुबह करीब पांच बजे घरेलू नौकर ने उन्हें कमरे में बेहोशी की हालत में देखा, जिसके बाद तत्काल अस्पताल और परिवार के लोगों को सूचना दी गई। इसके बाद सिविल अस्पताल से डॉक्टरों की टीम मौके पर पहुंची। प्राथमिक जांच के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों के अनुसार तब तक उनकी मृत्यु हो चुकी थी। अस्पताल के सीएमएस डॉ. डीसी पांडे ने बताया कि सुबह करीब छह बजे उन्हें अस्पताल लाया गया था, लेकिन शरीर में कोई हरकत नहीं थी और आंखें स्थिर हो चुकी थीं। परिवार के अनुसार प्रतीक यादव पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याओं से जूझ रहे थे। मई के पहले सप्ताह में उनके पैर की सर्जरी हुई थी, जिसके बाद उन्हें चलने-फिरने में कठिनाई हो रही थी। कुछ दिन पहले उन्हें मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के बाद सुधार होने पर उन्हें घर भेज दिया गया था। डॉक्टरों के मुताबिक वह लंबे समय से पल्मोनरी एंबॉलिज्म से पीड़ित थे। इस बीमारी में फेफड़ों की धमनियों में खून के थक्के जम जाते हैं, जिससे अचानक सांस लेने में दिक्कत और हृदय संबंधी गंभीर समस्या हो सकती है। हालांकि मौत के वास्तविक कारण को लेकर परिवार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।


संबंधित आलेख: