दुनिया को अगले कुछ घंटों में मिलेगी अच्छी खबर', जयशंकर से वार्ता के बीच रूबियो ने दिए पश्चिम एशिया संकट खत्म होने के संकेत
नई दिल्ली। वैश्विक कूटनीति के मंच से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। भारत दौरे पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने रविवार को भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ नई दिल्ली में बेहद महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता की। इस बैठक के बाद साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में रूबियो ने एक बड़ा बयान देकर दुनिया भर का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) संकट का जिक्र करते हुए अमेरिकी विदेश मंत्री ने उम्मीद जताई कि दुनिया को अगले कुछ घंटों में एक बहुत अच्छी खबर मिलने वाली है, जिससे यह संकट समाप्त होने की ओर बढ़ सकता है। द्विपक्षीय वार्ता के दौरान दोनों महाशक्तियों के बीच ऊर्जा, रक्षा, व्यापार, निवेश, महत्वपूर्ण तकनीक (क्रिटिकल टेक्नोलॉजी) और लोगों के बीच आपसी संबंधों (पीपुल-टू-पीपुल टाईज) को नए शिखर पर ले जाने के लिए विस्तृत रोडमैप तैयार किया गया।
मार्को रूबियो का यह दौरा रणनीतिक रूप से बेहद खास वक्त पर हो रहा है। यह यात्रा भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिसरी के हालिया वाशिंगटन दौरे के करीब पांच सप्ताह बाद हो रही है, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच सहयोग को और अधिक स्थिर बनाना था। अमेरिकी विदेश मंत्री ने भारत की तारीफ करते हुए कहा, "भारत और अमेरिका दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्र हैं। हमारे साझा लोकतांत्रिक मूल्य ही हमें एक-दूसरे के करीब लाते हैं। भारत केवल एक मित्र देश नहीं, बल्कि अमेरिका का सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार है। रूबियो ने जोर देकर कहा कि आज की रणनीतिक साझेदारी केवल सामान्य कूटनीतिक संबंध नहीं है, बल्कि यह वह मंच है जहाँ दोनों देशों के हित आपस में जुड़े हैं और दोनों मिलकर दुनिया के सामने खड़ी बड़ी चुनौतियों का समाधान तलाश रहे हैं। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बैठक के बाद बताया कि भारत और अमेरिका की यह रणनीतिक साझेदारी दोनों देशों के साझा राष्ट्रीय हितों की मजबूत नींव पर टिकी है। उन्होंने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मार्को रूबियो की मुलाकात में भी कई वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर बेहद सकारात्मक बातचीत हुई। विदेश मंत्री जयशंकर के अनुसार, वार्ता की मेज पर दुनिया के सबसे संवेदनशील मुद्दे शामिल रहे। दोनों नेताओं ने मुख्य रूप से पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात, भारतीय उपमहाद्वीप की सुरक्षा, पूर्वी एशिया में बदलती स्थिति और यूक्रेन संघर्ष जैसे गंभीर विषयों पर विस्तार से विचारों का आदान-प्रदान किया। अमेरिकी विदेश मंत्री अपने इस दौरे के अगले चरण में सोमवार को देश की सांस्कृतिक विरासत को करीब से देखने के लिए आगरा और जयपुर के दौरे पर रहेंगे। साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रूबियो के साथ अपने व्यक्तिगत और पेशेवर तालमेल की सराहना की। उन्होंने कहा कि मार्को रूबियो के कार्यभार संभालने के पहले ही दिन से दोनों के बीच लगातार सीधा संवाद बना हुआ है, जिसने भारत-अमेरिका संबंधों को एक नई गति और अभूतपूर्व गहराई प्रदान की है।