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सीबीएसई की दसवीं बोर्ड परीक्षा में महिलाओं को लेकर दिए गए गद्यांश पर मचा बवाल,संसद में भी हुआ विरोध,सीबीएसई ने हटाया गद्यांश,ऐसा क्या लिखा था गद्यांश में जिस पर मचा हंगामा!

editor
  • Kanchan Verma
  • December 14, 2021 08:12 AM
There was a ruckus on the passage given in CBSE's tenth board examination regarding women, there was a protest in Parliament, CBSE removed the passage, what was written in the passage, which created a ruckus!

10वी की सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में पूछे गए एक सवाल पर जब बवाल मचा तो बोर्ड को उस सवाल को हटाना पड़ा और अब उस सवाल के लिए विद्यार्थियों को पूरे अंक दिए जाने का निर्णय लिया है। 
दरअसल दसवीं की बोर्ड परीक्षाओं में अंग्रेजी के पेपर में एक गद्यांश में महिलाओं के अधिकारों पर विवादित गद्यांश दिया गया था जो गाइडलाइंस के अनुरूप नही था जिसमे लिखा था कि घरों में महिलाओं को ज़्यादा अधिकार मिलने से बच्चे बिगड़ते है। एक कथन में ये भी लिखा था कि पति की बातें मानने के बाद ही मां अपने से छोटों पर आज्ञाकारिता हासिल कर सकती है, ‘महिलाओं को स्वतंत्रता मिलना अनेक तरह की सामाजिक और पारिवारिक समस्याओं का प्रमुख कारण है’’ और ‘‘पत्नियां अपने पतियों की बात नहीं सुनती हैं, जिसके कारण बच्चे और नौकर अनुशासनहीन होते हैं।
महिलाओं की मुक्ति ने बच्चों पर माता-पिता के अधिकार को समाप्त कर दिया'' और ‘‘अपने पति के तौर-तरीके को स्वीकार करके ही एक मां अपने से छोटों से सम्मान पा सकती है''' जैसे वाक्यों के इस्तेमाल को लेकर आपत्ति जतायी गई। इसके अलावा भी गद्यांश में महिलाओं के विरोध में अन्य बातें लिखी गयी थी।

 

प्रश्नपत्र का वो अंश सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इन प्रश्नों को लेकर ट्विटर पर लोगों ने सीबीएसई पर निशाना साधा और लोग हैशटैग ‘‘सीबीएसई इनसल्ट्स वीमेन'' (सीबीएसई ने महिलाओं का अपमान किया) का समर्थन करने का आह्वान करते दिखाई दिये।

महिला विरोधी गद्यांश का मुद्दा सोमवार को संसद में गूंजा। कांग्रेस अध्यक्ष और रायबरेली से सांसद सोनिया गांधी ने इस मुसले पर सदन का ध्यान आकृष्ट करते हुए बोर्ड और शिक्षा मंत्रालय से संबंधित प्रश्नपत्र तत्काल वापस लेने और माफी की मांग की। विपक्ष के कई और दलों ने भी सोनिया का साथ दिया और बाद में इसी मुद्दे पर सदन से वॉकआउट कर दिया। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी इस मुद्दे पर सीबीएसई पर निशाना साधा है

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी संबंधित प्रश्नपत्र पर आपत्ति जताई थी। प्रियंका ने रविवार को कहा, ‘‘अविश्वसनीय। क्या हम वास्तव में बच्चों को ऐसा निरर्थक ज्ञान दे रहे हैं? स्पष्ट रूप से भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार महिलाओं संबंधी इन प्रतिगामी विचारों का समर्थन करती है, अन्यथा ये सीबीएसई पाठ्यक्रम में क्यों शामिल होंगे?’’
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सीबीएसई पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि यह युवाओं की नैतिक शक्ति तथा भविष्य को कुचलने की आरएसएस और भाजपा की साजिश है। उन्होंने ट्विट किया, ‘‘सीबीएसई के ज्यादातर प्रश्नपत्र अब तक बहुत कठिन रहे हैं और अंग्रेजी के प्रश्नपत्र में गद्यांश पूरी तरह खराब है। यह युवाओं की नैतिक शक्ति और भविष्य को कुचलने का आरएसएस-भाजपा का षड्यंत्र है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘बच्चों, अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करो। कड़ी मेहनत का फल मिलता है। कट्टरता से कुछ हासिल नहीं होता।’


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