32 साल से आबादी नियंत्रण की अलख जगा रहा है यह अनोखा दंपती! मसूरी की माल रोड पर उल्टा चलकर दिया 'महा-संदेश'
मसूरी। देश में बढ़ती आबादी और उससे पैदा होने वाले संकटों के प्रति देशवासियों को जगाने के लिए एक दंपती पिछले तीन दशकों से भी अधिक समय से अनूठे मिशन पर है। देश में जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाने की मांग को लेकर पिछले 32 वर्षों से अलख जगा रहे मेरठ निवासी दिनेश तलवार और उनकी पत्नी दिशा तलवार ने शनिवार को पहाड़ों की रानी मसूरी में लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा। दंपती ने अपने बेटे यश तलवार के साथ लाइब्रेरी चौक से माल रोड तक बाकायदा 'उल्टा' चलकर जनसंख्या नियंत्रण के प्रति जागरूकता का एक अनोखा संदेश दिया, जिसे देखने के लिए पर्यटकों और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
55 वर्षीय दिनेश तलवार ने बताया कि उन्होंने वर्ष 1994 में अकेले इस जनजागरण अभियान की शुरुआत की थी। धीरे-धीरे इस पावन मिशन में उनकी जीवनसंगिनी दिशा और बच्चे भी जुड़ते चले गए। तलवार दंपती का दावा है कि वे अब तक देश के करीब 400 छोटे-बड़े शहरों में पदयात्राएं और जागरूकता अभियान चला चुके हैं। इस लंबे सफर के संघर्ष को बयां करते हुए दंपती ने एक मलाल भी जाहिर किया। उन्होंने कहा कि वे पिछले 32 वर्षों से देश के विभिन्न प्रधानमंत्रियों और राष्ट्रीय स्तर के बड़े नेताओं से मिलने का समय मांग रहे हैं, ताकि अपनी बात उन तक पहुंचा सकें, लेकिन आज तक किसी भी प्रधानमंत्री से उनकी मुलाकात नहीं हो सकी। हालांकि, उन्होंने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार जताते हुए कहा कि तीन वर्ष पूर्व केवल सीएम धामी ने ही उन्हें मिलने का समय दिया था और उनके इस निस्वार्थ अभियान की खुलकर सराहना भी की थी।माल रोड पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए दिनेश तलवार ने कहा कि बढ़ती जनसंख्या किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे देश की समस्या है। यह रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, पेयजल और पर्यावरण जैसे बुनियादी संकटों को हर दिन और अधिक गंभीर बना रही है। यदि समय रहते इस पर कोई प्रभावी राष्ट्रीय नीति नहीं बनाई गई, तो भविष्य में देश के सीमित संसाधनों पर दबाव असहनीय हो जाएगा। तलवार दंपती ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनका यह अभियान किसी भी धर्म, जाति, वर्ग या राजनीतिक विचारधारा के खिलाफ नहीं है, बल्कि यह देश के उज्ज्वल भविष्य और आने वाली पीढ़ियों के हक की लड़ाई है। उन्होंने जनता से इस मांग का समर्थन करने की अपील की। यह अभियान आगामी 11 जुलाई को 'विश्व जनसंख्या दिवस' तक देश के विभिन्न हिस्सों में इसी तरह अनवरत जारी रहेगा।