लर्निंग एप BYJU'S की दादागिरी!BYJU'S के कोर्स न लेने पर पैरेंट्स को दी जा रही है धमकी!बच्चों का भविष्य बर्बाद करने की धमकी!NCPCR ने लगाए गंभीर आरोप
भारतीय बहुराष्ट्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी (एडटेक)कंपनी बाईजूस BYJU'S पर राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने गंभीर आरोप लगाए हैं। आयोग का कहना है कि कंपनी की ओर से बच्चों के फोन नंबर्स खरीद कर उनके पैरेंट्स को बाईजूस के कोर्स जबरन खरीदने के लिए फोर्स किया जा रहा है और धमकी दी जा रही है कि अगर उन्होंने कोर्स नही खरीदा तो उनका भविष्य बर्बाद हो जाएगा।

एनसीपीसीआर के अध्यक्ष प्रियांक कानूनगो ने कहा, 'हमें पता चला है कि यह बच्चों का साइकोमेट्रिक टेस्ट करते हैं और बच्चों के माता-पिता को डराते हैं कि उनके बच्चों का भविष्य खत्म हो चुका है। वे बच्चों को ऐसा नहीं कह सकते। हमें जहां जैसी गलतियां मिलेंगी, हम वैसी कार्रवाई करेंगे। हमें 2021 की दिसंबर में शिकायत मिली थी कि कम आय वाले बच्चों के माता-पिता के पास बायजूस के सेल्स एग्जीक्यूटिव जाते हैं और EMI बोलकर फाइनेंस कंपनी से पेरेंट्स की क्षमता से अधिक के लोन दिलवाते हैं।'

बायजूस के CEO रविंद्रन को NCPCR की ओर से हाल ही में समन जारी किया गया है। इसे लेकर प्रियांक कानूनगो ने कहा, 'हाल में ही हमने एक रिपोर्ट पढ़ी जिसमें बायजूस के काम करने का तरीका नहीं बदला था जिसके बाद हमने बायजूस के CEO को समन किया है। हमने उन्हें कमीशन के सामने 23 दिसंबर को पेश होने के लिए कहा है जिसके बाद हम आगे की कार्रवाई तय करेंगे।'
NCPCR अध्यक्ष प्रियांक कानूनगो ने कहा कि हमने शिक्षा मंत्रालय, SFIO, RBI को इस मामले से अवगत कराया था और उस समय SFIO ने जांच करने के लिए RBI और कारपोरेट मंत्रालय को लिखा था। उन्होंने बताया कि शिक्षा मंत्रालय ने भी एडटेक कंपनी के लिए विस्तृत सलाह जारी की थी और बायजूस को भी नोटिस जारी किया था। मालूम हो कि बाल अधिकार आयोग ने मीडिया रिपोर्ट का संज्ञान लिया था, जिसमें दावा किया गया कि एडटेक कंपनी स्कूली बच्चों के परिवारों को भारी कर्ज लेने के लिए मजबूर कर रही है। इसके लिए छात्रों पर भी मानसिक रूप से दबाव बनाया जा रहा है।