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आज आपके मोबाइल पर बजेगी ‘खतरे की घंटी’,लेकिन घबराएं नहीं ...यह है उत्तराखंड में आपदा अलर्ट सिस्टम का बड़ा ट्रायल

editor
  • Tapas Vishwas
  • May 02, 2026 06:05 AM
Today, a ‘danger alarm’ will ring on your mobile phone—but do not panic... This is a major trial of the disaster alert system in Uttarakhand.

देहरादून।अगर आज शनिवार, 2 मई को आपके मोबाइल फोन पर अचानक कोई तेज़ बीप सुनाई दे या स्क्रीन पर 'इमरजेंसी अलर्ट' का मैसेज फ्लैश हो, तो चौंकिएगा मत। यह कोई असली खतरा नहीं, बल्कि आपकी सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए सरकार द्वारा किया जा रहा एक महत्वपूर्ण 'मॉक ड्रिल' यानी परीक्षण है। उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण मिलकर आज प्रदेशभर में इस तकनीक का ट्रायल कर रहे हैं।

उत्तराखंड में शनिवार, 2 मई को आपके मोबाइल फोन पर अचानक तेज अलर्ट टोन सुनाई दे सकती है। अगर ऐसा होता है तो घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है, क्योंकि यह किसी वास्तविक खतरे का संकेत नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण परीक्षण है। राज्य में पहली बार सेल ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम के जरिए आपदा चेतावनी प्रणाली का ट्रायल किया जा रहा है। उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सहयोग से इस परीक्षण को अंजाम दिया जा रहा है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि भविष्य में किसी भी आपदा या आपातकालीन स्थिति में चेतावनी संदेश तेजी और प्रभावी तरीके से हर नागरिक तक पहुंच सके। आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग के सचिव विनोद कुमार सुमन ने स्पष्ट किया है कि यह सिर्फ एक परीक्षण अलर्ट है, जिसे उसी रूप में लिया जाना चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की है कि इस दौरान किसी भी प्रकार की अफवाह या घबराहट से बचें। यह सिस्टम खास तौर पर भूकंप, बाढ़, भूस्खलन जैसी आपदाओं के दौरान त्वरित सूचना देने के लिए विकसित किया जा रहा है। यह परीक्षण राज्य के विभिन्न मोबाइल नेटवर्क क्षेत्रों में किया जाएगा, जिससे यह आकलन किया जा सके कि अलर्ट संदेश कितनी तेजी और सटीकता के साथ लोगों तक पहुंच रहा है। इसके साथ ही उन क्षेत्रों की पहचान भी की जाएगी, जहां इस प्रणाली में सुधार की जरूरत है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की तकनीक आपदा प्रबंधन में गेम-चेंजर साबित हो सकती है। समय पर चेतावनी मिलने से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने का मौका मिलेगा, जिससे जान-माल के नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है। प्रशासन ने यह भी साफ किया है कि भविष्य में जब वास्तविक खतरे की स्थिति होगी, तब इसी प्रणाली के माध्यम से अलर्ट जारी किया जाएगा। ऐसे अलर्ट को गंभीरता से लेना और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा।इसके अलावा, सरकार समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को इस प्रणाली के बारे में जानकारी देगी, ताकि हर नागरिक सतर्क और तैयार रह सके। यह पहल उत्तराखंड को आपदाओं के प्रति अधिक सुरक्षित और सक्षम बनाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। ध्यान रहे, आज मिलने वाला संदेश सिर्फ एक परीक्षण है सतर्क रहें, लेकिन परेशान न हों।


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