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केदारनाथ मार्ग पर आफत की बारिश: सोनप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे पर 3 जगह भूस्खलन, रातभर जूझता रहा प्रशासन,यात्रा फिर सुचारू

editor
  • Tapas Vishwas
  • May 20, 2026 06:05 AM
Torrential Rains on Kedarnath Route: Landslides at Three Locations on Sonprayag-Gaurikund Highway; Administration Battles Through the Night, Pilgrimage Resumes

रुद्रप्रयाग।बाबा केदारनाथ के दर्शन के लिए उमड़ रहे आस्था के सैलाब पर एक बार फिर मौसम की मार भारी पड़ती दिखाई दी। बीती रात केदारनाथ घाटी में हुई मूसलाधार बारिश के कारण सोनप्रयाग-गौरीकुंड मुख्य यात्रा मार्ग पर तीन अलग-अलग स्थानों पर अचानक भारी भूस्खलन (लैंडस्लाइड) हो गया। पहाड़ों से गिरे विशाल मलबे और पत्थरों के कारण यात्रा मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया, जिससे वहां मौजूद हजारों श्रद्धालुओं की सांसें अटक गईं। हालांकि, रात के घने अंधेरे और कड़ाके की ठंड के बीच जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमों ने अपनी मुस्तैदी से एक बड़े संकट को टाल दिया। जैसे ही भूस्खलन की सूचना मिली, जिला प्रशासन तुरंत एक्शन मोड में आ गया। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए देर रात ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आपात बैठक बुलाई और हालात की लगातार लाइव मॉनिटरिंग की। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ कोई समझौता न हो और उन्हें सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

घटनास्थल पर जिला प्रशासन, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमों ने भारी बारिश के बीच ही टॉर्च और फ्लड लाइट्स की मदद से युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। प्रशासन की त्वरित और बेहतरीन कार्ययोजना का ही परिणाम था कि मलबे के बीच से महज 30 मिनट के भीतर पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित रास्ता तैयार कर दिया गया। मार्ग अवरुद्ध होने के कारण फंसे हजारों श्रद्धालुओं को बेहद सूझबूझ के साथ सुरक्षित स्थानों और पड़ावों तक पहुंचाया गया। लगातार हो रही बारिश और पहाड़ों से लगातार गिर रहे मलबे ने चुनौती को काफी बढ़ा दिया था। लेकिन राहत की सबसे बड़ी बात यह है कि इस पूरी घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि या चोट लगने की कोई सूचना नहीं है। मार्ग पर तुरंत जेसीबी मशीनें तैनात कर दी गई थीं, जिनकी मदद से बड़े पत्थरों और मलबे को पूरी तरह हटाकर अब केदारनाथ यात्रा मार्ग को दोबारा सुचारु कर दिया गया है। इस घटना ने एक बार फिर हिमालयी क्षेत्रों में यात्रा के दौरान मौसम की अनिश्चितता और चुनौतियों को उजागर कर दिया है। फिलहाल प्रशासन ने केदारनाथ जाने वाले तीर्थयात्रियों से अपील की है कि वे मौसम के पूर्वानुमान को देखकर और सतर्कता बरतते हुए ही अपनी यात्रा को आगे बढ़ाएं।
 


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