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बिहार में आफत की बारिश: ठनका गिरने से दो सगे परिवारों के चिराग बुझे, 15 जिलों में आंधी-तूफान का 'येलो अलर्ट'

editor
  • Tapas Vishwas
  • June 18, 2026 08:06 AM
Torrential rains wreak havoc in Bihar: Lightning strikes claim lives in two families; 'Yellow alert' issued for storms across 15 districts.

पटना। बिहार में मानसून के पूरी तरह सक्रिय होते ही मौसम ने विकराल रूप धारण कर लिया है। एक तरफ जहां कई जिलों में तेज आंधी के साथ हो रही भारी बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से राहत दी है, वहीं दूसरी तरफ यह बदलाव आफत बनकर भी टूटा है। अररिया जिले में वज्रपात (ठनका) की दो अलग-अलग दर्दनाक घटनाओं में दो किशोरों की मौत हो गई है। इस हादसे के बाद पूरे इलाके में कोहराम मच गया है। दूसरी ओर, मौसम विभाग ने राज्य के 15 जिलों में भारी बारिश, मेघगर्जन और वज्रपात को लेकर 'येलो अलर्ट' जारी किया है।

बिहार में मानसून की सक्रियता के साथ मौसम ने अचानक करवट ले ली है। राज्य के कई जिलों में तेज आंधी, बारिश और वज्रपात की घटनाओं ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। अररिया जिले में ठनका गिरने की दो अलग-अलग घटनाओं में दो युवकों की दर्दनाक मौत हो गई, जिससे पूरे इलाके में शोक और दहशत का माहौल है। वहीं मौसम विभाग ने राज्य के 15 जिलों में तेज बारिश, मेघगर्जन और आंधी को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। जानकारी के अनुसार अररिया जिले के फारबिसगंज प्रखंड अंतर्गत सैफगंज पंचायत में 22 वर्षीय टिवंकल कुमार खेत में भैंस चरा रहे थे। इसी दौरान अचानक मौसम खराब हो गया और तेज गरज-चमक के बीच वज्रपात की चपेट में आने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। दूसरी घटना रानीगंज प्रखंड के विक्टोरिया पंचायत स्थित डुमरिया गांव में हुई, जहां 12 वर्षीय मोहम्मद गुड्डू भैंस चराने के दौरान ठनका गिरने से गंभीर रूप से झुलस गए और उनकी भी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। दोनों घटनाओं ने ग्रामीण इलाकों में भय का माहौल पैदा कर दिया है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर बिहार, सीमांचल और पूर्वी बिहार के जिलों में अगले कुछ घंटों तक मौसम का मिजाज खराब बना रह सकता है। सहरसा, दरभंगा, मधुबनी, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, भागलपुर, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, सुपौल, मधेपुरा, सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर और बांका समेत 15 जिलों में तेज बारिश और मेघगर्जन की संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों ने विशेष रूप से उत्तर बिहार और सीमांचल क्षेत्र के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। शिवहर, अररिया, सुपौल, मधुबनी, दरभंगा, सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर, किशनगंज, कटिहार, समस्तीपुर और पूर्वी चंपारण में 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। ऐसे में किसानों, मजदूरों और खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की हिदायत दी गई है। बांका जिले के लिए भारतीय मौसम विभाग ने येलो वॉच जारी की है। विभाग के अनुसार जिले में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। प्रशासन ने लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने और मौसम खराब होने पर घरों से बाहर नहीं निकलने की अपील की है। दूसरी ओर दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम बिहार के कई जिलों में बारिश की कमी के कारण गर्मी और उमस का असर अभी भी बना हुआ है। गया, औरंगाबाद, रोहतास, कैमूर, नवादा, अरवल, भोजपुर और बक्सर में अधिकतम तापमान 38 से 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। इससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि मानसून की सक्रियता से उत्तर और पूर्वी बिहार के किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन वज्रपात और तेज हवाओं का खतरा चिंता का विषय बना हुआ है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों के नीचे, बिजली के खंभों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें। किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। बिहार में बदलते मौसम के बीच प्रशासन और मौसम विभाग लगातार निगरानी बनाए हुए हैं, जबकि लोगों को सतर्क और सुरक्षित रहने की सलाह दी जा रही है।


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