दुखदः बिहार के भागलपुर में करमा-धरमा के दिन पसरा मातम! पोखर में डूबने से 6 बच्चों की मौत, गांव में मचा हाहाकार
भागलपुर। बिहार के भागलपुर जिले में सोमवार को करमा-धरमा पर्व के दौरान एक दर्दनाक हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। सुल्तानगंज थाना क्षेत्र के तरैटा बहियार स्थित एक पोखर में नहाने गए छह बच्चों की डूबने से मौत हो गई। मृतकों में तीन लड़के और तीन लड़कियां शामिल हैं। हादसे की खबर फैलते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। मृतकों की पहचान ज्योति कुमारी, मीनाक्षी कुमारी, आयुष कुमार, राहुल कुमार, पूजा कुमारी और विकास कुमार के रूप में हुई है। इनमें ज्योति कुमारी को छोड़कर बाकी सभी बच्चे भागलपुर के विष्णु टोला स्थित वार्ड नंबर 27 के रहने वाले बताए जा रहे हैं। वहीं, राहुल कुमार और पूजा कुमारी आपस में भाई-बहन थे। चिकित्सकों के मुताबिक सभी बच्चों की उम्र करीब 12 से 13 वर्ष के आसपास थी। बताया गया कि एक बच्चा सबौर क्षेत्र का रहने वाला था और अपने रिश्तेदार के यहां आया हुआ था। बताया जा रहा है कि करमा-धरमा पर्व के अवसर पर बच्चे एक साथ पोखर में स्नान करने के लिए गए थे। सभी बच्चे आपस में साथ थे। इसी दौरान एक बच्चा अचानक गहरे पानी में चला गया। उसे डूबता देखकर दूसरे बच्चों ने उसे बचाने की कोशिश की और पानी में उतर गए। इसी दौरान एक के बाद एक कई बच्चे गहरे पानी में चले गए और हादसा हो गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। बच्चों के डूबने की जानकारी मिलते ही स्थानीय ग्रामीण और परिजन पोखर की ओर दौड़ पड़े। स्थानीय लोगों ने तत्काल बच्चों को पानी से बाहर निकाला। इसके बाद पुलिस और प्रशासन को घटना की सूचना दी गई। बच्चों को पोखर से निकालने के बाद तत्काल रेफरल अस्पताल ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद सभी छह बच्चों को मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों के अनुसार बच्चों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल की जानकारी जुटाई और हादसे के पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि बच्चे पोखर में किस तरह पहुंचे और हादसे के समय वहां उनके साथ कौन-कौन मौजूद था। इधर एक साथ छह बच्चों की मौत की खबर ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। जिन परिवारों में करमा-धरमा पर्व को लेकर उत्साह का माहौल था, वहां अचानक मातम पसर गया। बच्चों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों के बीच भी शोक की लहर है।